एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में कथारा क्षेत्र के भामसं से संबद्ध सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के दो प्रमुख नेताओं के स्तीफे के बाद उपजे विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। दोनों पक्षों में वाद-विवाद का दौर जारी हैं। दोनों पूर्व श्रमिक नेताओं ने स्तीफे के बाद क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्वारा निष्कासन पर सवालिया निशान लगाया है।
सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ क्षेत्रीय समिति द्वारा संवाददाताओं के बीच निष्कासन संबंधी जारी विज्ञप्ति को पूर्णता एक कथित बड़े नेता के द्वारा मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए डैमेज कंट्रोल का इस्तेमाल किया कहा जा रहा है। उक्त बातें सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के पूर्व केंद्रीय मंत्री पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व जेसीसी सेफ्टी व् वेलफेयर बोर्ड सदस्य आर. इग्नेश और राजकुमार मंडल ने 4 अगस्त को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है।
पूर्व श्रमिक नेताओं ने कहा कि किसी भी पूर्व और वर्तमान केंद्रीय पदाधिकारी एवं पूर्व और वर्तमान क्षेत्रीय पदाधिकारी को निष्कासित करने का अधिकार क्षेत्रीय समिति को नहीं है। कहा गया कि यह निष्कासन केंद्रीय पदाधिकारी के अनुशंसा पर केंद्रीय कार्य समिति को करना है।
नेताओं ने कहा कि यह सच है कि बीते 31 जुलाई को कथारा क्षेत्र में सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के केंद्रीय महामंत्री, केंद्रीय अध्यक्ष और क्षेत्र प्रभारी क्षेत्र के प्रवास में थे। जहां क्षेत्र में संगठन में टूट के संदर्भ में एक बैठक की गयी थी।
उक्त बैठक में कोई भी निर्णय नहीं हुआ था। चुकि उक्त बैठक में उपरोक्त बड़े नेता द्वारा क्षेत्र में जो गड़बड़ियां की गई है उस पर चर्चा की गयी थी। इसके बाद प्रेस वार्ता कर क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्वारा निष्कासन करने संबंधी अनर्गल बयान देना पूरी तरह गलत है। कहा गया कि लगता है यह फैसला मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए किया गया है।
कहा गया कि बीते 3 अगस्त को संघ के क्षेत्रीय कार्यालय में कथारा क्षेत्र की बैठक में पदाधिकारियों की उपस्थिति इस बात का परिणाम है कि पूरी कार्य समिति इस फैसले से खुश नहीं है। कहा गया कि सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ को वर्ष 2025 में सदस्यता के समय यह पता चल जाएगा कि उनके द्वारा कहे गये बात सत्य है या नहीं।
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