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स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार की मिसाल: बोकारो में आरसीएम रूपांतरण यात्रा

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। आरसीएम की राष्ट्रव्यापी रूपांतरण यात्रा ने बोकारो में जबरदस्त जनसमर्थन हासिल किया है। स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।

बीते माह 16 सितंबर को शुरू हुई इस यात्रा में अब तक 20,00,000 से अधिक नवोद्यमी आरसीएम परिवार से जुड़ चुके हैं। कंपनी के दो मिलियन से अधिक सक्रिय एसोसिएट बायर्स का नेटवर्क और मजबूत हुआ है। यह यात्रा देश के 75 शहरों में आयोजित की जाएगी और इसका समापन आगामी 23 दिसंबर को होगा।

बोकारो कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और परिवारों ने रक्तदान किया और स्वस्थ जीवनशैली, आत्मनिर्भरता और समाज सेवा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लिया। प्रतिभागियों ने आरसीएम के उत्पादों और अनुभवों को जानने का अवसर भी प्राप्त किया। आरसीएम प्रबंध निदेशक सौरभ छाबड़ा ने 25 अक्टूबर को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि बोकारो से मिला उत्साह हमारे जन-आधारित आंदोलन की शक्ति को दर्शाता है। हमारा लक्ष्य हर घर को बेहतर स्वास्थ्य, मजबूत मूल्यों और नए आर्थिक अवसरों से सशक्त बनाना है।

उप प्रबंध निदेशक प्रियंका अग्रवाल ने कहा कि रूपांतरण यात्रा का यह पड़ाव महिलाओं और युवाओं को आत्मविश्वास और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि बोकारो में मिली ऊर्जा और प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी और समृद्ध भविष्य की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगी।

कार्यक्रम में आरसीएम के उत्पादों और सेवाओं के अनुभव के लिए रूपांतरण मेला भी आयोजित किया गया, जिसमें स्वास्थ्य और पोषण, महिला फैशन और फुटवियर, पौष्टिक व्यंजनों से जुड़े स्टॉल शामिल थे। ज्ञात हो कि, आरसीएम की स्थापना वर्ष 2000 में की गयी थी। आज कंपनी ₹2,400 करोड़ के कारोबार के साथ 400 से अधिक उत्पादों और दो मिलियन से अधिक सक्रिय एसोसिएट बायर्स के नेटवर्क के साथ देशभर में कार्यरत है।

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