रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के मंजूरा स्थित सपाहीटांड़ में 7 जुलाई को भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की दिव्य और भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालू द्वारा भगवान जगन्नाथ महाप्रभु के रथ को खिंचकर गंतव्य तक ले जाया गया
रथ यात्रा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु अपनी बहन सुभद्रा व भैया बलभद्र के साथ रथ पर आरूढ़ हो अपनी मौसी के घर गए। रथ यात्रा हिंदुओं का महत्वपूर्ण त्योहार के अंतर्गत आता है, जो प्रतिवर्ष आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष के द्वितीया तिथि को आयोजित किया जाता है।
एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान जगन्नाथ महाप्रभु सर्दी और बुखार से ग्रसित हो जाते हैं, इस वजह से पूर्ण स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्हें अपने राज काज की चिंता से दूर एवं आराम की आवश्यकता होती है। आराम तथा निश्चिंतता उन्हें अपनी मौसी के यहां ही मिल सकती थी।
इसी वजह से उन्होंने अपनी मौसी के घर जा कर कुछ दिनों तक आराम करने का निश्चय किया। उन्होंने मौसी के घर रथ द्वारा प्रस्थान किया। साथ में बहन सुभद्रा व भैया बलभद्र भी हो लिए। इसी रथ यात्रा से यह प्रचलन प्रारंभ हुआ।
कहते हैं भगवान अपनी मौसी के घर आराम होने तक 15 दिनों तक ठहरे। कसमार के सपाहीटांड़ में रथ यात्रा का प्रचलन वर्षों पुरानी है। रथ में भगवान तथा उनकी बहन एवं बलभद्र तीनों सुसज्जित हुए। इस अवसर पर मेला का आयोजन किया गया। संध्या को भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचते हुए मौसी बाड़ी तक पहुंचाया गया।
रथ संचालन एवं पूजन इत्यादि कार्य पंडित हीरालाल गोस्वामी, दिलीप गोस्वामी एवं उमाशंकर गोस्वामी सम्हाल रहे थे। वहीं रथ यात्रा में गोमियां विधायक डॉक्टर लम्बोदर महतो शामिल हुए। उन्होंने भगवान जगन्नाथ महाप्रभु से क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की।
इस मौके पर जिला परिसद सदस्य अमर दीप महराज, आयोजन कमिटी के रविशंकर महतो, लालन घासी, झगरू महतो, उमा शंकर महतो, हेमंत महतो इत्यादि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में भरपूर सहयोग किया।
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