सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, देवी सुभद्रा एवं सुदर्शन जी के निलाद्री बीजे कार्यक्रम के साथ 12 जुलाई को विधिवत रथयात्रा का समापन किया गया। इस दौरान स्थानीय भजन मंडली द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन किया गया।
इससे पूर्व बीते 11 जुलाई को पूजारी जितेंद्र पंडा द्वारा रथ के उपर पोना-सर्वत से भरा मटकी को फोड़ कर अधर पोना का रस्म निभाया गया। मान्यता है की रथ के उपर विराजमान जगन्नाथ महाप्रभु के दुर्लभ दर्शन के लिए समस्त देवी देवता पृथ्वी लोक पर अवतरित होकर रथ में विराजमान होते हैं।
जिसको लेकर पोना भोग से समस्त देवी देवताओं को तृप्त करने की प्रथा रही है। अगले दिन श्रद्धालुओ की उपस्थिति में रसगुल्ले के भोग लगाकर चतुर्था मूरत को जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह स्थित रत्नवेदी में विराजमान कराया जाता है। मौके पर जितेंद्र पंडा, रमेश चटर्जी, सत्यनारायण झा, रामनारायण सिंह, संतोष बेहरा, विमल दास, गोविंद दास, सानू, गोपीनाथ बिहारी, जागरण दास, तारा पोदो, दिव्यसिन्ह पंडा व अन्य मौजूद थे।
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