एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। कोयला उत्पादन के मामले में सीसीएल के चौथे स्थान पर रहने वाला बोकारो जिला के हद में बीएंडके क्षेत्र के निवर्तमान महाप्रबंधक एमके राव के नेतृत्व में नीचे खिसक कर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीएंडके क्षेत्र में विगत कुछ महीनो से कोयला उत्पादन, डिस्पैच और ओबीआर मे नेगेटिव ग्रोथ का सिलसिला जारी है। राव के सेवानिवृत्ति के समय तक यह सिलसिला जारी था। बताया जाता है कि बीते नवंबर माह में बीएडके क्षेत्र मे कोयला उत्पादन में 32 प्रतिशत का नेगेटिव ग्रोथ हुआ, जबकि डिस्पैच में 38 प्रतिशत और ओबीआर में 33 प्रतिशत का नेगेटिव ग्रोथ हुआ।
इसी प्रकार अक्टूबर माह में क्षेत्र के कोयला उत्पादन में 28 प्रतिशत का, डिस्पैच 23 प्रतिशत और ओबीआर में 39 प्रतिशत का नेगेटिव ग्रोथ किया गया। इसके पूर्व सितंबर माह में बीएंडके क्षेत्र में कोयला उत्पादन में 32 प्रतिशत, डिस्पैच में 7 प्रतिशत और ओबीआर मे 28 प्रतिशत नेगेटिव ग्रोथ हुआ।
इस प्रकार उत्पादन में नेगेटिव ग्रोथ के सिलसिले के कारण क्षेत्र चौथे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया। नए महाप्रबंधक के. रामाकृष्णा के सामने प्रथम चुनौती क्षेत्र के नेगेटिव ग्रोथ को रोकना और उत्पादन, डिस्पैच तथा ओबीआर में वृद्धि कर ग्रोथ को पॉजिटिव करना है। यह काम उत्खनन स्थल की उपलब्धता पर बहुत कुछ निर्भर करेगा।
यदि समय रहते कारो बस्ती शिफ्टिंग का मामला निपट गया और कोयला उत्पादन शुरू हो गया तो निश्चित रूप से नेगेटिव से पॉजिटिव ग्रोथ में ले जाने तथा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने का श्रेय नए महाप्रबंधक को मिलेगा।
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