एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची अपराध की राजधानी बन गया है। यहां आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। रांची पुलिस कुंभकर्णी की निद्रा में सोई हुई है। राज्य के मुख्यमंत्री तुरंत एक्शन मोड में आए।
उपरोक्त बातें 29 जून को संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विजय शंकर नायक ने कही। उन्होंने राजधानी रांची में आए दिन हो रहे सोना चांदी ज्वेलरी दुकानों में लगातार लूट की घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया में उक्त बातें कहीं।
नायक ने उदाहरण देते हुए कहा कि बीते 28 जून को रांची के बिरसा चौक स्थित ज्वेलर्स में दिन दहाड़े लूट पाट की घटना और एक व्यक्ति को गोली मारने की घटना।
बीते 15 जून को बरियातू थाना के बरियातू रोड के समीप महिला जेवर व्यवसायी सुजाता गुप्ता से बाइक सवार दो अपराधियों ने नगदी 5 लाख सहित करीब 12-13 लख रुपए मूल्य की ज्वेलरी लूट, पंडरा ओपी क्षेत्र में दिन दहाड़े 45 लाख के जेवरात और नगदी 45 हजार की लुट, बीते 14 फरवरी को रांची के कटहल मोड़ स्थित ज्वेलरी दुकान से हथियार के बल पर लगभग 6 लाख की लुट यह साबित करता है कि राजधानी में कानून का राज और पुलिस का डर अपराधियों के बीच समाप्त हो चुका है।
उन्होंने कहा कि अपराधी दिन दहाड़े अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे है और पुलिस अभी तक मुक दर्शक बनकर बैठी हुई है। इसकी संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है और राज्य के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से यह मांग करती है कि राज्य के सोना चांदी व्यवसायियों को व्यवसाय करने की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करें, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम आने वाले दिनों में हो सकते हैं।
नायक ने कहा कि सोना चांदी व्यापारियों द्वारा किए गए आंदोलन का संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी नैतिक रूप से पूर्ण समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई है कि सीआईडी की महिला डीएसपी सरिता मुर्मू से दो दिन पूर्व उनके गले से चेन छीन लिया गया।
इस साल फरवरी से मई तक राजधानी में 57 चैन लूट की घटनाएं हुई है, जबकि जून में चार चैन की लूट की घटनाएं घटित हुई है। राजधानी रांची में गैंगरेप की घटनाओं यथा हत्या, दुष्कर्म, चोरी, छिनतई में लगातार वृद्धि हो रही है, जो चिंता का विषय है।
नायक ने कहा कि राज्य खासकर रांची में अब विधि व्यवस्था फेल हो गई है। तुरंत केंद्र और राज्य सरकार को हस्तक्षेप कर इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि राज्य में विधि व्यवस्था बना रहे और कानून का राज स्थापित हो सके। जनता एवं व्यापारी अमन चैन शांति से भय मुक्त होकर रह सके तथा व्यापार कर सके।
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