महागठबंधन से एक भी अल्पसंख्यक प्रत्याशी की संभावना नहीं-केन्द्रीय अध्यक्ष
एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। लोकसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए झारखंड की 14 लोकसभा क्षेत्र में से 4 सीट पर राष्ट्रीय जनक्रांति मोर्चा (राजमो) प्रत्याशी उतरेगा। उक्त जानकारी 25 मार्च को राजमो के केन्द्रीय अध्यक्ष आलम अशरफी ने दी।
उन्होंने बताया कि महागठबंधन में शामिल दलों ने अल्पसंख्यकों को बंधुआ मतदाता समझ लिया है। इनकी सोंच में यही है कि अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता भाजपा को वोट नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन को लगता है कि उनके प्रत्याशियों को ही हर हाल में अल्पसंख्यक वोट देंगे।
इसलिए धर्मनिरपेक्ष दलों द्वारा अल्पसंख्यकों को वहां भी प्रत्याशी नहीं बनाया जाता है, जहां से अल्पसंख्यक प्रत्याशी जीत चुका है। उदाहरण के तौर पर गिरिडीह से डॉ सरफराज अहमद, कोडरमा से मुमताज़ अंसारी, गोड्डा से फुरकान अंसारी और चतरा से इंदर सिंह नामधारी सांसद रह चुके हैं। इसके बावजूद इंडिया गठबंधन से एक भी अल्पसंख्यक प्रत्याशी का नाम झारखंड लोकसभा की सामान्य 8 सीटों पर संभावितों में भी नहीं है।
अशरफी ने कहा कि किसी अल्पसंख्यक को प्रत्याशी बनाने का झारखंड एनडीए से तो आशा भी नहीं किया जा सकता है। राजमो केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अप्रैल महीने में राजमो संसदीय बोर्ड की बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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