अहिल्यापुर में माले की बैठक में गरीबों के सवालों पर बनी आंदोलन की रणनीति
प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। गरीबों का वोट लेनेवाली सरकारें गरीबों की ही उपेक्षा कर रही हैं। पात्रता के बावजूद गरीबों को पेंशन तथा आवास की सुविधा नहीं मिल रही। ग्रामीण गरीबों के रोजगार के लिए बनी मनरेगा में मजदूरी भी काफी कम मिलती है।
इस योजना के नाम पर लूट मची है। जबकि कर्ज लेकर मनरेगा योजना पूरी करने वाले लाभुकों को भी दोषपूर्ण प्रणाली के कारण मनरेगा का भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
गांवों में राशन, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का हाल बुरा है। ग्रामीण रहिवासियों को इस परिस्थिति में लाल झंडे तले एकजुट होकर संघर्ष करना ही एकमात्र रास्ता बचा है। उपरोक्त बातें भाकपा माले नेता राजेश यादव ने 31 मार्च को गिरिडीह जिला के हद में गांडेय प्रखंड के अहिल्यापुर दास टोला में संपन्न स्थानीय रहिवासियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कही।
उक्त बैठक में मौजूद स्थानीय रहिवासियों ने माले नेता के समक्ष अपनी ज्वलंत समस्याओं को रखा। ग्रामीणों ने कहा कि, गांव में नल-जल योजना के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। जबकि घर-घर पानी पहुंचाना ही समस्या का निराकरण है। रहिवासी पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। जनता की समस्याओं को सुनने के बाद माले नेता ने गरीबों के साथ धोखा देने वालों को राजनीतिक रूप से सबक सिखाने का आह्वान किया।
माले नेता यादव ने कहा कि, वे सभी संगठन बनाकर अपने सवालों को सामने रखकर संघर्ष शुरू करें। यादव की अपील पर मौजूद रहिवासियों ने माले समर्थित झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा का सदस्य बनने का ऐलान किया।
बैठक में शामिल होने वालों में मुख्य रूप से रूपलाल दास, इंद्रदेव दास, कार्तिक दास, किशन दास, मेघलाल दास, देवान दास, मनीष दास, विक्रम दास, हेमलाल दास, हेमाली दास, भरत दास, राजेंद्र दास, पांचू दास, सुरेश दास, अकलू दास, टुपलाल दास, भीखन दास, सुखदेव दास, मितनी देवी, कांति देवी, गीता देवी, गंगिया देवी, रिंकू देवी, शांति देवी, विमली देवी, रुपनी देवी, भगिया देवी समेत अन्य मौजुद थे।
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