धमन भट्ठी मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पर क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ की सभा
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। श्रमिक संगठन हिंद मजदूर सभा से संबद्ध क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ की शाखा कमिटी धमन भट्ठी ने ठेका मजदूरों को चिकित्सा जांच तथा मिनिमम वेज की मांग पर मजदूरों को काम से हटाने की साजिश के खिलाफ 8 जून को हजारों आक्रोशित मजदूरों ने सेल/बोकारो इस्पात संयंत्र के धमन भट्ठी विभाग के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पर चेतावनी प्रदर्शन किया। चेतावनी प्रदर्शन फर्नेश नंबर 3 से प्रारंभ होकर मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पर सभा में तब्दील हो गया।
चेतावनी प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघ के महामंत्री सह सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने कहा कि सेल बोकारो तथा धमन भट्ठी प्रबंधन मजदूरों के शोषण एवं उत्पीड़न का एक भी मौका चुकती नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन को शायद स्मरण नहीं है कि दास प्रथा एवं बंधुआ मजदूरी के दिन अब लद गया है।
इन्हीं ठेका मजदूरों के खून पसीने के बदौलत रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद प्रबंधन में बैठे आला अधिकारियों का ठेका मजदूरों के प्रति घृणा की भावना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि नित् नए-नए कानून लाकर वर्षों से काम कर रहे मजदूरों की रोजी-रोटी छिनने की साजिश प्रबंधन के मजदूर प्रेम को साफ दर्शाता है।
कहा कि मिनिमम वेज की मांग करने पर पूर्व में मजदूरों को काम से तो निकाला ही जा रहा था, अब एक नया काला कानून मेडिकल चेकअप लेकर आये हैं, जो पूरे सेल में और कहीं भी लागू नहीं है।
मजदूर नेता सिंह ने कहा कि हम सैकड़ो अधिकारियों का उदाहरण दे सकते हैं जो ब्लड प्रेशर, शुगर और कई गंभीर बिमारी से ग्रसित होते हुए भी नौकरी कर रहे हैं। उनकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं है। मगर एक गरीब ठेका मजदूर का 1 सेंटीमीटर भी ऊंचाई कम है तो इनके अनुसार वह काम करने लायक नहीं है।
ऐसा पैमाना सिर्फ और सिर्फ बोकारो इस्पात संयंत्र में ही देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि बोकारो इस्पात प्रबंधन को इस बात की चिंता नहीं है कि मजदूरों को ग्रुप इंश्योरेंस, ग्रेच्युटी, रात्रि पाली भत्ता, ग्रेड प्रमोशन आदि लम्बित सुविधाएँ कैसे दें।
श्रम दर में वृद्धि के कारण जो मजदूर ईएसआईसी की सीमा से बाहर चले गए हैं, उनका और उनके आश्रितों का इलाज कैसे होगा? ठेका मजदूरों के प्रति हीन भावना से ग्रसित इनको आता है तो सिर्फ और सिर्फ शोषण।
सिंह ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि अविलंब चिकित्सा जांच के नाम पर अनफिट करने वाले काले कानून को वापस लेते हुए मजदूरों की नौकरी की गारंटी सहित सभी सुविधाएँ मुहैया करायें, अन्यथा किसी भी दिन धमन भट्ठी समेत पूरे प्लांट के ठेका मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। इसकी संपूर्ण जवाबदेही भ्रष्ट एवं तानाशाह प्रबंधन की होगी। उन्होंने कहा कि हमें छेड़ोगे तो हम छोड़ेगें नहीं। प्रबंधन की तानाशाही को जड़ से उखाड़ देंगे।
152 total views, 1 views today