रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में चास के फोरलेन-तेलीडीह मोड़ के समीप मानव सेवा समाज कार्यालय में 28 अगस्त को रैयत संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गयी। अध्यक्षता रैयत एवं अलग राज्य आन्दोलनकारी उमेश चन्द्र महतो तथा संचालन समिति के उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता राजदेव माहथा ने किया।
उक्त बैठक को सम्बोधित करते हुए सभी किसान एवं रैयत वक्ताओं ने दुःख प्रकट करते हुए कहा कि गत दिनों झारखंड विधानसभा के माॅनसून-सत्र में क्षेत्रिय विधायको सहित पक्ष-विपक्ष के किसी भी जनप्रतिनिधियों ने चास -चन्दनकियारी सहित सम्पूर्ण बोकारो जिला के सभी प्रखंडों में भयंकर सूखाड़ से त्रस्त किसानों के हित में सरकार के समक्ष आवाज नहीं उठाई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
कहा गया कि सभी जनप्रतिनिधियों को जानकारी है कि पिछले वर्ष 2022 जैसा इस वर्ष भी पिछले वर्ष से भी ज्यादा माॅनसून मौसम ने किसानों को जल के लिए धोखा दिया है। जिससे भंयकर सूखाड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
वक्ताओं द्वारा कहा गया कि वर्तमान में खेत कुएं, नाला, डोभा, जोड़िया, तालाब, चेक डेम,नदी आदि सुखे हुए हैं। जल के अभाव में धान एवं खरीफ फसलों की रोपाई एवं बुआई नहीं हो सकी है। रोपाई एवं बुआई का समय बीत चुका है।किसान, पशु-पक्षियों सहित आम-जन सूखाड़ से पीड़ित व् काफी चिंतित है।
ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय विधायकों सहित पक्ष-विपक्ष के जनप्रतिनिधियों द्वारा विधानसभा में सरकार के समक्ष माॅनसून-सत्र के दौरान किसानों, मजदूरों एवं आमजनों के हित में आवाज नहीं उठाना किसानों/मजदूरों एवं आमजनों का अवहेलना करना है। इससे जनप्रतिनिधियों के प्रति किसानों/मजदूरों एवं आमजनों में काफी आक्रोश है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आज ही रैयत संघर्ष समिति की ओर से झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 13 सूत्री ज्वलंत समस्याओं को लेकर मांग-पत्र उपायुक्त बोकारो के द्वारा दिया जाए। इसके बाद उपायुक्त बोकारो के कार्यालय में मांग -पत्र दिया गया।
जिसमें ज्वलंत मांगे चास-चन्दनकियारी सहित बोकारो जिला के सभी प्रखंडों को अकाल क्षेत्र घोषित करने, युद्ध स्तर पर राहत योजना चलाने, किसानों को खेती के लिए वैकल्पिक बीजों का वितरण नि:शुल्क करने, भू-सर्वे सेटलमेंट में हुए 90 प्रतिशत गड़बड़ियों को शिविर लगाकर सुधार करने की मांग की गयी।
प्रेषित पत्र में कहा गया कि चास -चन्दनकियारी प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों सहित सभी सरकारी कार्यालयों को दलालों/बिचौलियों से मुक्त कराया जाए एवं भ्रष्टाचार समाप्त किया जाए। बोकारो के बेरोजगार विस्थापितों को नियोजन दिया जाए या खाली पड़े जमीन को विस्थापितों को वापस किया जाए।
झारखंड सरकार द्वारा घोषित 75 प्रतिशत स्थानीय बेरोजगारों को निजी कंपनियों, सरकारी, अर्ध-सरकारी एवं अन्य संस्थाओं में नियोजित किया जाए।चास प्रखंड के कृषि बहुल क्षेत्र के 14 पंचायतों को नगर-निगम में शामिल नहीं किया जाए। प्रत्येक कृषक मित्रों को प्रति माह पच्चीस हजार रुपया मानदेय दिया जाए। वर्ष -2018-19 में चास -चन्दनकियारी के किसानों द्वारा कराया गया फसल बीमा की राशि का भुगतान अविलंब कराया जाए आदि शामिल है।
बैठक में समिति के अध्यक्ष अजित सिंह चौधरी, भुतनाथ महथा, राकेश महतो, विदेशी महतो, संतोष कुमार सिंह, चक्रधर शर्मा, हाबुलाल गोराईं, बिरंची महथा, लाल मोहन शर्मा, हरि पद गोप, गुहीराम गोराईं, शत्रुघ्न महतो,खगेन्द्र नाथ वर्मा,करम चांद गोप, मनिन्द्र नाथ महतो, नीलकंठ महतो, आदि।
लालदेव गोप, गोलबाबु अंसारी, उपेन्द्र पांडेय, मोती लाल गोराईं, धनंजय महतो, ठाकुर महतो, भरत महतो, हरि पद महतो, सहदेव महतो, झाबरा महथा, करम चंद महतो, राजकुमार महथा, विश्वेश्वर महतो, अनूप कुमार पांडेय, सोनू सिंह चौधरी, प्रहलाद महतो, शिव पुजन प्रमाणिक सहिथ सैकड़ों की संख्या में किसान एवं रैयत उपस्थित थे।
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