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रेलवे क्रॉसिंग फाटक जाम ने दस वर्षीय बालक की ले ली जान

रेलवे क्रॉसिंग फाटक खुला रहता तो आज मेरा पोता होता जिंदा-मानदेय उरांव

एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। आधे घंटे से अधिक समय तक रहे टोरी रेलवे क्रोसिंग फाटक जाम खुलते ही परिजन बिमार बालक को आनन फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में मिनट भी नहीं गुजरा और बालक आदित्य उरांव की मौत हो गई।

लातेहार जिला के हद में चंदवा प्रखंड के नवाटोली चकला निवासी मृतक बालक आदित्य उरांव पिता गौतम उरांव के दादा मानदेय उरांव ने 24 दिसंबर को बताया कि आदित्य उरांव बिमार था। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। मोटरसाइकिल में बैठाकर घर से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ला रहा था।

इसी क्रम में दोपहर 1 बजे से 1:45 बजे के बीच रेलवे क्रॉसिंग फाटक बंद जाम के कारण फंस गया। आधा घंटा से अधिक समय तक गंभीर रूप से बिमार अपने पोते आदित्य को लिए जाम में फंसा रहा। करीब चार रेलवे की ट्रेन मालगाड़ी पार हुई, इसके बाद क्रोसिंग फाटक खोली गई। अपने पोते को लेकर सीएचसी पहुंचा। अस्पताल के बेड में सुलाते हीं उसने दम तोड़ दिया।

उसने बताया कि अस्पताल के चिकित्सक डॉ प्रकाश बड़ाईक, अस्पताल कर्मी बीरबल उरांव, पुष्पा देवी, धनेश्वर प्रसाद की टीम ने उसके पोते को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नंदकुमार पांडेय ने मोक्ष वाहन से शव को उसके घर भेजवाया।

बताया जाता है कि मानदेय उरांव ने घटना की जानकारी चंदवा प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि असगर खान और माकपा नेता अयुब खान को दिया। सूचना पाकर दोनों नेता अस्पताल पहुंचे।

रोते बिलखते मानदेय उरांव ने बताया कि आधे से अधिक घंटा तक अपने बीमार पोते को लेकर क्रॉसिंग जाम में वह फंसा रहा। जाम में नहीं फंसते तो अपने पोते को समय पर लेकर वह अस्पताल पहुंच जाता। ऑक्सीजन और ईलाज के सहारे मेरा पोता आदित्य उरांव आज जिंदा होता।

इस संबंध में माकपा नेता अयुब खान ने कहा कि सरकार और अधिकारी चाहें तो फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण कार्य शुरू कर अभी भी कई लोगों की जान बचा सकते हैं।

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