भोईवाड़ा पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों को 21जुलाई तक हिरासत
प्रहरी संवाददाता/मुंबई। भोईवाड़ा पुलिस ने परेल के टाटा मेमोरियल सेंटर में देश के विभिन्न राज्यों से कैंसर का इलाज करने के लिए आने वाले मरीजों को लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने टीएमसी मुंबई के सहायक प्रशासनिक अधिकारी, कांस्टेबल, वार्ड बॉय, कांस्टेबल, नैनी और सफाई कर्मचारियों का समावेश है।
दर असल 10 जुलाई को इसी हॉस्पिटल के सुरक्षा अधिकारी अनिल शिवाजी भोसले ने लूट के खेल की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले को वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुभाष बोरटे ने गंभीरता से लिया था।
टीएमसी मुंबई के सुरक्षा अधिकारी अनिल शिवाजी भोसले ने शिकायत की थी कि इस पद पर कार्य करते हुए, लोग सेवक होने के बावजूद, बिना किसी कानूनी अधिकार के अपने सरकारी कर्तव्यों का पालन नहीं किया। इसके आलावा अपने निजी लाभ के लिए शहर के विभिन्न डायग्नोस्टिक सेंटरों के संचालकों से सांठ -गांठ कर कैंसर के मरीजों को विभिन्न चिकित्सा परीक्षण के नाम पर ठगते थे। क्योंकि इसके एवज में उन्हें डायग्नोस्टिक सेंटरों (Diagnostic Centers) से दलाली मिलती थी।
इससे मरीजों के साथ-साथ सरकार को भी लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा था। इसके आलावा मरीजों को तरह -तरह से डराया जाता था, ताकि अधिक से अधिक लूटा जा सके। इस मामले को भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन आईपीसी की धारा 409, 406, 420, 120 (बी) के तहत दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि पुलिस ने अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इस मामले में और भी गिरफ़्तारी होनी बाकि है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने 21जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में आगे की जांच भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुभाष बोरटे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक पंकज धाडगे, अपराध जांच अधिकारी पी.यू. सूर्यकांत म्हात्रे कर रहे हैं। ।
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