शहर में नियोजकों से बाल श्रमिक नियोजित नहीं करने का भरवाया गया शपथ-पत्र
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। श्रमायुक्त बिहार, पटना एवं जिला पदाधिकारी सारण के निर्देश पर 27 मार्च को श्रम संसाधन विभाग छपरा की ओर से बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रचार वाहन ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
जानकारी के अनुसार श्रम संसाधन विभाग के तत्वाधान में बाल श्रम उन्मूलन विषय पर आम जन मानस में जागरूकता कार्यक्रम के तहत यह प्रचार वाहन जनजागरुकता पैदा करेगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजनों में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जागरूकता फैलाना है। इस अवसर पर श्रम अधीक्षक सारण देवेन्द्र कुमार प्रभाकर, नीलम कुमारी, अभिषेक कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सदर छपरा मुन्ना कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, गड़खा विकास कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी जलालपुर उषा कुशवाहा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बनियापुर तथा नारायणी सेवा संस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रचार वाहन के माध्यम से नियोजकों एवं आम जन मानस को जागरूक किया जा रहा है ताकि उनके द्वारा बाल श्रमिक को नियोजित न किया जाय। बाल श्रमिक को नियोजित करने वाले दोषी नियोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाती है तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में 20,000/- (बीस हजार) रूपये प्रति बाल श्रमिक बतौर मुआवजा राशि की वसूली की जाती है। बाल श्रम सभ्य समाज के लिए एक कंलक है। पदाधिकारियों द्वारा शहर में नियोजकों से बाल श्रमिक नियोजित नहीं करने का शपथ-पत्र भी भरवाया गया।
बच्चे देश के भविष्य है। बाल श्रम पर प्रतिबंध लगाओ, बच्चों का जीवन बचाओ। हम सब ने यह ठाना है, बाल मजदूरी को देश से मिटाना है। चाहे कितनी भी हो मजबूरी, बच्चों से ना कराए मजदूरी बाल श्रम हटाओ, बच्चों का बचपन बचाओ आदि लिखा श्लोगन के साथ प्रचार वाहन को नगर भ्रमण कराया गया।
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