प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। गिरिडीह जिला के हद में बरगंडा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में विद्या विकास समिति झारखंड के तत्वाधान में 12 फरवरी को प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन का आयोजन प्रारंभ किया गया।
सम्मेलन का उद्घाटन डॉ किशन वीर सिंह शाक्य, मंत्री विद्या भारती अखिल भारतीय संस्थान, ख्यालीराम क्षेत्रीय संगठन मंत्री, नकुल कुमार शर्मा क्षेत्रीय सचिव उत्तर पूर्व क्षेत्र, डॉ सतीश्वर प्रसाद सिन्हा उपाध्यक्ष, अजय कुमार तिवारी प्रदेश सचिव, विद्या विकास समिति झारखंड एवं समिति अध्यक्ष संजय राजगढ़िया ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर पुष्पार्चण किया।
इस अवसर पर अतिथि परिचय प्राचार्य शिव कुमार चौधरी ने किया। अतिथियों का स्वागत शॉल भेंट कर किया गया। सम्मेलन की प्रस्तावना करते हुए प्रदेश सचिव ने कहा कि 4 दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में झारखंड प्रांत के 250 प्रधानाचार्य मिल बैठकर वर्तमान सत्र की समीक्षा और आगामी सत्र की योजना तैयार करेंगे।
उन्होंने कहा कि शिशु मंदिर के संस्थापकों द्वारा जिस निमित्त विद्यालय प्रारंभ किया गया है क्या वह मानक अपनी प्रमाणिकता को सिद्ध कर रहे हैं या नहीं। इसकी भी समीक्षा होनी है। उन्होंने कहा कि क्या वह अपने राष्ट्र को गौरव पर ले जा सकेंगे, इसकी चर्चा होगी। आचार्य नई शिक्षण तकनीक से अपने आपको तैयार रखें। नई शिक्षा नीति के अनुसार सर्वांगीण विकास पर बल दिया जाएगा।
अखिल भारतीय मंत्री ने कहा कि अगर माइंड सेट ठीक नहीं हो तो लक्ष्य और व्यवस्था फैल हो जाता है। कार्य ही हमारी सफलता है। इसी भाव को लेकर विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य यहां एकत्र हुए हैं। विद्या भारती के विद्यालय के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत केंद्रित शिक्षा के पद्धति को अपनाने पर बल दिया गया।
पूर्व छात्र विद्वत जन आदि द्वारा 3 महीनों तक विद्यालय में शिक्षण का कार्य करें, ताकि इनके अनुभवों का लाभ बच्चों को मिल सके। प्रत्येक विद्यालय के लिए महावीर स्वामी द्वारा कहीं गई श्रुत ज्ञान, मति ज्ञान, इंद्रिय ज्ञान, समय ज्ञान आदि का पालन करें तो निश्चित ही भारत पुनः वैभव को प्राप्त कर सकेगा।
मौके पर ओम प्रकाश सिन्हा, नीरज लाल, सुरेश मंडल, तुलसी प्रसाद ठाकुर, फनींद्र नाथ, विवेक नयन पांडेय, रमेश कुमार यादव पूर्णकालिक एवं स्थानीय समिति के पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
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