रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। कुड़मी समुदाय (जाति) को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में 8 अक्टूबर को बोकारो जिले में आदिवासी समुदायों ने जोरदार प्रतिकार रैली निकाली। विभिन्न आदिवासी संगठनों और ग्राम सभाओं के सैकड़ों आदिवासियों ने पारंपरिक पोशाक और डमरू-मांदर के साथ शहर की सड़कों पर मार्च करते हुए कुड़मी को एसटी सूची में शामिल करने का विरोध जताया।
रैली में शामिल आदिवासियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि कुड़मी जाति आदिवासी नहीं है, इसलिए उन्हें अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करना मूल आदिवासियों के अधिकारों पर कुठाराघात होगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने इस दिशा में कोई निर्णय लिया, तो राज्य भर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रतिकार रैली में बोकारो जिला के हद में विभिन्न प्रखंडो यथा कसमार, चास, पेटरवार, गोमिया और जरीडीह क्षेत्र से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के युवा, बुजुर्ग व् महिलाएं शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित आदिवासी नेताओं ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी पहचान और हक की रक्षा के लिए एकजुट है। किसी भी सूरत में झूठे इतिहास के आधार पर किसी जाति को एसटी दर्जा देने का समाज विरोध करेगा।
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