विस्थापित प्रमाण पत्र सहित अन्य मांगों को लेकर दे रहे हैं धरना
राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। विस्थापित प्रमाण पत्र देने सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के गोविंदपुर परियोजना के समीप लगातार धरना जारी हैं।
जानकारी के अनुसार गोविंदपुर परियोजना के समीप लहरियाटांड़ के विस्थापितों द्वारा दिए जा रहे धरना 26 जुलाई को 12वें दिन भी जारी रहा। मांगो के समर्थन में विस्थापितों ने बीते 15 जुलाई को सीसीएल गोविन्दपुर परियोजना का चक्का जाम आंदोलन किया था, परंतु तब हुई वार्ता में सीसीएल अधिकारियों द्वारा 15 दिनों के अंदर विस्थापितों की मांगो को मान लेने का आश्वासन दिया गया था। उसके बाद चक्का जाम आंदोलन धरना में परिवर्तित कर दिया गया था।
इस संबंध में लहरियाटांड़ ग्राम विकास समिति के सचिव दुलेश्वर प्रजापति सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1980 में हमारी जमीन को सीसीएल गोविन्दपुर परियोजना द्वारा अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद हम सभी भूमि हीन हो गए हैं। कहा कि जमीन अधिग्रहण करने के बाद भी विस्थापितों को पुनर्वासित नही किया गया, जिस कारण लहरियाटांड़ गांव में ही 44 वर्षो से वे सभी रह रहे हैं।
सीसीएल प्रबंधन न हमें पुनर्वासित कर रही है और न ही जमीन का मालिकाना हक दी दे रही है। इसके अलावे सीसीएल प्रबंधन द्वारा गांव में कोई भी विकास कार्य भी नही कराया जा रहा है। जिस कारण हम ग्रामीणों की स्थिति बद से बदतर हो गई है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि विस्थापन प्रमाण पत्र न मिलने से प्रभावित ग्रामीण रहिवासी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से भी वंचित हैं। कहा गया कि सीसीएल प्रबंधन अगर विस्थापितों की मांगो को नहीं मानेगी तो पुनः चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विस्थापितों की प्रमुख मांगों में विस्थापन प्रमाण पत्र जारी करना, लहरियाटांड गांव में मुख्य सड़क का निर्माण और पानी की समस्या हल करना आदि शामिल है। इस अवसर पर ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष चंद्रिका रजक, सचिव दुलेश्वर प्रजापति सहित पंचायत समिति सदस्य बेबी रजक, चोलाराम प्रजापति, रामेश्वर प्रसाद, घनश्याम रजक, मुलचंद प्रजापति, महेश रजक, प्रेम चंद प्रजापति, मोहन प्रजापति, राजेश रजक आदि धरना में शामिल थे।
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