एस. पी. सक्सेना/बोकारो। महिलाओं तथा बच्चों को कुपोषण से बचाना और सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण स्तरों पर सेविकाओं व् सहायिकाओं के माध्यम से घर-घर तक लाभ पहुंचाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए बेरमो प्रखंड क्षेत्र में कुल 163 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है।
उक्त बातें बोकारो जिला के हद में बेरमो के सीडीपीओ गीता सोए ने 18 फरवरी को प्रखंड मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में एक भेट में कहीं। उन्होंने कहा कि पूरे बेरमो प्रखंड के सभी पंचायत में कुल 163 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है, जहां सेविकाओं तथा सहायिकाओं की मदद से सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं यथा गोद भराई, बेहतर शिक्षण व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, पोषण आहार, धात्री लाभ, मुजुट्ठी आदि के माध्यम से ग्रामीण स्तर के गरीब महिलाओं तथा नवजात शिशुओं को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक महिला तथा बच्चों पर न्यूनतम राशि ₹250 प्रतिमाह खर्च करने की व्यवस्था है। जिसमें बच्चों के लिए पोषण आहार के अलावा जरूरत के अनुसार कटोरी, चम्मच, गिलास आदि दी जाती है। इसके अलावा सेविकाओं द्वारा घर-घर जाकर बच्चों को एकत्रित कर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है। वही समय-समय पर चिकित्सा दल द्वारा सेविकाओं तथा सहायिकाओं की मदद से चिकित्सा शिविर लगाकर बच्चों तथा महिलाओं की स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाता है।
सीडीपीओ सोय ने बताया कि मासिक स्तर पर उनके प्रखंड क्षेत्र के तमाम आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की संख्या ओसीपी के तहत 3171 के अलावा एसीपी (अनुसूचित जाति केंद्र) में 615 है। जिसमें बच्चों को पोषाहार व शिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। इस कार्य में सरकार द्वारा यहां प्रतिमाह 7 से 10 लाख खर्च की जाती है, जिसमें मार्च माह में यह राशि घटकर 5 से 7 लाख हो जाती है।
उन्होंने बताया कि विशेष सहयोग के तौर पर आंगनबाड़ी केंद्र में अध्यनरत बच्चों के बीच स्वेटर का भी वितरण किया जाता है। मौके पर सीडीपीओ कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर गौरव सिन्हा उपस्थित थे।
72 total views, 2 views today