टॉवर चौक से समाहरणालय तक रैली का किया गया आयोजन
एस.पी.सक्सेना/देवघर (झारखंड)। स्वतंत्रता दिवस (Independence day) के अवसर पर 15 अगस्त को देवघर जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री (Deoghar Deputy commissioner Manjunath bhajantri) द्वारा शहर के मुख्य चौक टॉवर चौक से सफेद गुब्बारा उड़ा कर प्रोजेक्ट पंछी का शुभारंभ किया गया।
इस दौरान जागरूकता रैली को रवाना करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रोजेक्ट पंछी का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों का संरक्षण करने के साथ-साथ जिले में बाल विवाह, भ्रूण हत्या, बाल श्रम को जड़ से समाप्त करना है।
उपायुक्त भजंत्री ने कहा कि बच्चें हमारे समाज/देश के भविष्य हैं। ऐसे में अगर हमें अपने समाज का देश का उत्थान करना है तो हमें बच्चों के भविष्य को संभालने एवं संवारने हेतु मिलकर कार्य करना होगा, ताकि प्रोजेक्ट पंछी को सही मायने में चरितार्थ किया जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब पुरे देश में कोरोना महामारी फैली हुई है। ऐसे नाजुक समय में सबसे ज्यादा बच्चे हीं प्रभावित हो रहे हैं। देखा जा रहा है कि काफी संख्या में बच्चे बाल मजदूरी की ओंर बढ़ रहे है तथा बहुत से बच्चे गलत हाथों में पड़कर ट्रेफिकिंग का शिकार हो रहे है।
दूसरी ओर बाल विवाह की संख्या में भी तेजी देखी जा रही है। ऐसे में इन सभी समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन की पहल पर प्रोजेक्ट पंछी की संकल्पना तैयार हुई। इस पहल में गैर सरकारी संस्थान जैसे कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन, चेतना विकास, प्रेरणा भारती, क्वेस्ट अलायन्स, नीड्स, प्रवाह, ग्राम ज्योति एवं यम इंडिया का प्रमुख योगदान है।
अभियान शुभारंभ के पश्चात उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट पंछी का मुख्य उदेश्य बच्चों के साथ होने वाले भेदभाव, हिंसा, बाल मजदूरी, बाल-यौन शोषण, ट्रेफिकिंग एवं बाल मजदूरी की रोकथाम को कारगार बनाया जा सके।
इसके लिए जिले में सभी ग्रामीण बाल संरक्षण इकाई (VCPC) को मजबूत एवं सक्रिय बनाया जायेगा। साथ ही ग्रामीण स्तर पर तेजस्विनी प्रोजेक्ट से जुड़ी बच्चियां एवं महिलाएं और जेएसएलपीएस के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रोजेक्ट पंछी की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यहां उपायुक्त द्वारा कहा गया कि प्रोजेक्ट पंछी के तहत प्रत्येक प्रखंड में ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण इकाई का गठन किया जाएगा। जिसके माध्यम से बच्चों के अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा।
साथ ही प्रत्येक प्रखंड में स्वयं सेवी संस्थान द्वारा मास्टर ट्रेनर को तैयार किया जाएगा। जिनके द्वारा सभी ग्राम स्तर की बाल संरक्षण इकाई के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि बाल अधिकार हेतु किए जाने वाले कार्यो का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया जा सके।
उपायुक्त भजंत्री द्वारा जानकारी दी गई कि प्रोजेक्ट पंछी के बेतहर तरीके से क्रियान्वयन हेतु सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जा रहा है। जल्द ही पूरे जिले में बाल संरक्षण कार्यो से संबंधित आंकड़ो का डेटा भी तैयार किया जाएगा।
इस तरह से एक ओर जहाँ इस योजना का निरीक्षण में आसानी होगा, वही दूसरी ओर बच्चों के अधिकारों के संरक्षण में भी सुविधा होगी।
इस दौरान उप विकास आयुक्त संजय सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार यादव, डीआरडीए निर्देशक नयन तारा केरकेट्टा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी, स्वयं सेवी संस्था कर्मी आदि उपस्थित थे।
576 total views, 1 views today