रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। गारगा (गर्ग-गंगा) पूजन सह आरती का कार्यक्रम शुभ गंगा दशहरा 16 जून की संध्या 5.30 बजे से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान द्वारा आयोजित कर बोकारो की जीवन रेखा गंगा की तरह पूज्य पवित्र गरगा नदी जिसका पौराणिक नाम गर्ग-गंगा है की विधिवत पूजा अर्चना कर आरती की गई।
इस अवसर पर इसे प्रदूषण और अतिक्रमण मुक्त करने हेतु आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया गया। संस्था के महासचिव शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’ ने कहा कि इस नदी में बोकारो इस्पात संयंत्र के आवासीय कॉलोनीयों तथा चास नगर निगम के आवासीय कॉलोनीयों, यहां के अस्पतालों का प्रदूषित कचड़ा एवं मल मूत्र प्रवाहित हो रहा है। फिर भी न नगर निगम, न ही जिला प्रशासन को ही इसकी चिंता है। सरकार आंखें बंद कर सोयी है। यह नदी अब मरने के कगार पर है।
गंगा दशहरा कार्यक्रम में शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’, रघुवर प्रसाद, पं. अखिलेश ओझा, मृणाल चौबे, पं. चंदन शास्त्री, गौरी शंकर सिंह, अजीत भगत, लक्ष्मण शर्मा, अभय कुमार गोलू, रोहित सिंह, वीरेंद्र चौबे, दिवाकर दुबे, मनीष झा, योगेंद्र सिंह, राकेश तिवारी, कुंदन उपाध्याय, मनीष पांडेय, रामजी प्रसाद, पं. दीनबंधु पांडेय, ए के दुबे, नीरज सिन्हा, मंजय, टुनटुन मिश्र, सोमनाथ, दीपक, विनय, गणेश, संजय पांडेय, अनुराग मिश्र सहित अनेक पर्यावरण रक्षक शामिल थे।
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