कलम का सिपाही चुनावी मैदान में – रेशमा मोमीन
प्रहरी संवाददाता/मुंबई। क्षेत्र के विकास और समस्याओं का समाधान के अलावा सरकारी योजनाओं से वंचित मतदाताओं के मुद्दे को लेकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला कुर्ला पूर्व के कसाईवाडा की समाजसेविका व कुरैश नगर वुमैन वेल्फेयर सोसायटी (Women welfare Society) की संस्थापिका रेशमा मोमीन ने किया है।
आगामी मनपा चुनाव में अपना किस्मत अजमाने के लिए उन्होंने जमीनी मुद्दे को उठाया है। मोमीन का कहना है कि जमीन से जुड़े जिन मुद्दों पर मैं चुनावी मैदान में आना चाहती हुं, उसे देखते हुए अगर किसी राष्ट्रीय दल (National Party) ने टिकट दिया तो ठीक नहीं तो मैं आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ुंगी। उन्होंने कहा की मेरी काम ही मेरी पहचान है।
खबर के मुताबिक समाजसेवा के क्षेत्र में दर्जनों किताब जितने वाली रेशमा मोमीन उर्दू न्यूज़ पेपरों अपने कलम का जल्वा दिखा चुकीं हैं। करीब 50 हजार मतदाताओं वाले कुर्ला पूर्व का कुरैश नगर वार्ड क्रमांक 171 जो नए परिसीमन में 179 हो गया है। मैने इसी वार्ड से आगामी मनपा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
रेशमा मोमीन ने चुनावी घोषणा से पहले यहां के पूर्व नगरसेवक विजय तांडेल व मौजूदा नगरसेविका जान्हवी तांडेल पर आरोप लगाया है कि कसाईवाडा की पहाड़ी क्षेत्रों के नागरिक हमें वोट नहीं देते इस लिए मैं उनके कार्यों में दिलचस्पी नहीं लेता।
वहीं उन्होंने अपनी उपलब्धियां भी गिनाया है। पूर्व पत्रकार रहीं रेशमा मोमीन (Reshama Momin) द्वारा क्षेत्र में फ्री मेडिकल कैंप (Free medical camp), लॉक डाउन के दौरान लोगों को तन मन और धन से सेवा करना आदि शामिल है। चुनावी बिगूल बजने से पहले ही रेशमा मोमीन डोर टू डोर कम्पैनिंग शुरू कर दिया है।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार रेशमा मोमीन भावी नगरसेविका के रूप में खुद को पेश करते हुए मैजूदा नगरसेविका व अपनी सकारात्मक व नकारात्म दोनों ही पहलुओं को मतदाताओं के बीच रखतीं हैं।
दिलचस्प बात यह है कि रेशमा मोमीन सिर्फ खुद की तारीफ में कसीदे नहीं पढ़तीं, वो दोनों पक्षों की दोनों पहलुओं पर लोगों से चर्चा करती हैं। इस तरह प्रचार का नया तरीका उन्होंने अपनाया है। शायद यही उनकी जीत का कारण बनेगा?
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