एस.पी.सक्सेना/बोकारो। अपर नगर आयुक्त शशिप्रकाश झा (Additional municipal commissioner Shashi prakash jha) अध्यक्षता में 8 फरवरी को चास नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न संचालित योजनाओं से संबंधित निगम सभागार में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में अपर नगर आयुक्त झा ने बताया कि विगत 38 माह के ईपीएफ भुगतान हेतु निगम को एक करोड़ पचास लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। उसके पूर्व वर्ष 2016 एवं 2017 के 22 माह का बकाया पीएफ के मामले न्यायालय में लम्बित है। जिसके लिए करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का आदेश न्यायालय से प्राप्त हुआ है।
झा ने बताया कि सभी बकाया दो वर्ष पूर्व का है, जबकि विगत दो वर्ष अर्थात 2019 तथा 2020 का किसी कर्मी का कोई बकाया नहीं है। वित्तीय स्थिति में और सुधार कर पुराने बकाया 2016-17 ईपीएफ को भी शीघ्र ही भुगतान कर दिया जायेगा। अपर नगर आयुक्त झा ने बताया कि जलापूर्ति हेतु वर्ष 2015-16 से 2018-19 तक प्रतिमाह करीब 48 लाख रुपयें प्राप्त होने के कारण विद्युत विपत्र विलम्ब शुल्क सहित 28 करोड़ का बकाया था। जिसमें दो वर्ष पूर्व दिसम्बर तक मात्र एक करोड़ रुपयें तथा अब तक तीन करोड़ का ही भुगतान विभाग से किया जा सका है। गत वर्ष विभाग से पत्राचार करते हुए विपत्र में सुधार के पश्चात अब मात्र 15 लाख रुपये प्रतिमाह (पूर्व का मात्र 30 प्रतिशत) का विपत्र प्राप्त हो रहा है। इस सुधार के लिए विद्युत विभाग से पत्राचार किया गया है एवं नगर विकास विभाग एवं आवास विभाग, झारखंड राँची से भी आवंटन की मांग की गई है। उन्होंने ठोस अवशिष्ट प्रबंधन से सम्बंधित भी बताया कि अप्रैल से जून 2020 तक वसूली अत्यंत कम होने के बावजूद किसी भी माह पारिश्रमिक में कटौती नहीं की गई। कोरोना काल में कार्य के बदले रुप का क्रियाविन्त किया गया।
उन्होंने बताया कि गत पांच वर्षो से कचड़ा प्रबंधन कार्य को प्रारंम्भ हेतु प्रयास के उपरांत गत वर्ष ई-निविदा प्राप्त होने के पश्चात सफल निविदादाता को कार्य आवंटन किया गया। फलस्वरुप टेंडर की राशि के लिए 4.36 करोड़ रुपये की मांग केवल वाहन क्रय हेतु एवं डस्टवीन हेतु भेजा गया है। मार्च 2021 तक इसका क्रियान्वयन होगा, जो कार्य आवंटन के अभाव में विगत कई वर्षो से लंबित था। अपर नगर आयुक्त झा ने बताया कि मेसर्स चास ईं-भाइरों से अब तक कराए गए कार्य के बदले नवम्बर 2020 तक नगर निगम की आय का 40 प्रतिशत से कम भुगतान किया गया है जो सरकारी मापदंड के अनुरुप है। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अधिष्ठापन के सम्बंध में बताया कि कचड़ा प्रबंधन हेतु ठैस् के साथ प्लांट लगाने के कार्य हेतु भी निगम लगातार प्रयासरत है।
अपर नगर आयुक्त शशिप्रकाश झा ने बताया कि भविष्य में विद्युत विपत्र भुगतान नहीं करने के कारण निगम को जल संकट का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने निगम क्षेत्र के करीब 12 हजार विद्युत पोलों में से 10 हजार से अधिक पोल में एलईडी लगाकर इसका रख-रखाव किया जा रहा है तथा सभी पांच जोन में टीम द्वारा इसकी मरम्मति की जा रही है। सभी जोनल कार्यालय में मरम्मति हेतु मोबाईल नंबर तथा टॉल फ्री नंबर प्रदर्शित किया गया है। साथ ही शेष 1500 से 2000 पोल पर LED लगाने हेतु एजेंसी को बार-बार स्मारित किया गया है। अब तक एजेंसी को किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान अप्रैल 2020 के पश्चात कोरोना काल में निगम क्षेत्र में विभिन्न स्वयंसेवी संस्था द्वारा पर्याप्त सहयोग के साथ-साथ निगम क्षेत्र में जनवितरण प्रणाली दुकानदार के माध्यम से पर्याप्त खाद्दान का वितरण किया गया। आवश्यकतानुसार मास्क, सेनिटाईजर, साबुन, वर्दी, ग्लब्स, बूट आदि आम नागरिकों और निगम में कार्यरत कर्मियों के बीच वितरित किया गया है।
अपर नगर आयुक्त झा ने बताया कि निगम क्षेत्र के 1082 स्ट्रीट भेंडर में से 364 को स्वःनिधि के अन्तर्गत 10 हजार रुपये का ऋृण वितरण किया गया। 258 स्ट्रीट भेंडर को ई-लेन-देन का प्रशिक्षण दिया गया। बताया कि मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के अन्तर्गत कुल 1069 लोगों के द्वारा आवेदन दिया गया। जाँचोपरांत 874 लोगो को जाॅब कार्ड दिया गया, जिसमें 82 लोगों द्वारा काम मांगे जाने पर काम उपलब्ध कराया गया।
झा ने बताया कि चास नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत कोरोना काल के पूर्व के लम्बित 38 नालों मे से अधिकांश नालों का कार्य पूर्ण कराया गया। शेष इसी माह तक पूर्ण कराया जाना है। उन्होंने बताया कि लंबित 45 पथ निर्माण में से 4 पथ का कार्य पूर्ण कराकर शेष कार्य इस माह के अंत तक पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही वर्ष 2020-21 में करीब नौ करोड़ की योजना की स्वीकृति 15वें वित्त आयोग से प्राप्त है, जिसका क्रियान्वयन प्रारम्भ कर दिया गया है।
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