एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। बिहार की राजधानी पटना के प्रेमचंद रंगशाला में लोक पंच की प्रस्तुति मतदाता जागरूकता एवं नाट्य शिक्षक की बहाली का 11 अप्रैल को मंचन किया गया। नाटक को देखने बड़ी संख्या में प्रसंशकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
जानकारी के अनुसार मतदाता जागरूकता एवं नाटय शिक्षक की बहाली का शानदार प्रदर्शन प्रेमचंद रंगशाला में किया गया। नाटक मतदाता जागरूकता में दशकों से अपील की गई कि अपने मत का इस्तेमाल जरूर करें।
साथ ही साथ किसी बहकावे में ना आए। जबकि नाट्य शिक्षक की बहाली में बताया गया कि कला संस्कृति के फंड को कम कर दिया गया है और रंगकर्मियों को दी जाने वाली सुविधाओं को बंद कर दिया गया है।
प्रस्तुत नाटक में रंगकर्मियों के व्यक्तिगत जीवन के संघर्ष की अलग-अलग कहानियों को जीवंत कर दिखाया गया है। जिसमें एक रंगकर्मी के जीवन के उस पहलू को उकेरा गया है, जहां वह पढ़ाई के बाद भी अपने परिवार और समाज में उपेक्षित है। उन्हें स्कूल, कॉलेज में एक अदद नाट्य शिक्षक की नौकरी भी नहीं मिल सकती।
इसका कारण है कि सरकार द्वारा नाटक के शिक्षकों की बहाली का कोई नियम नहीं है। दिखाया गया कि नाटक खत्म होने के बाद दर्शक तालियां बजाते हैं। स्मृति चिह्न देकर व ताली बजाकर दर्शक कलाकारों को सम्मानित करते हैं। यही रंगकर्मी जब अपने घर पहुंचते हैं तो घर में इन से अजीबोगरीब प्रश्न पूछे जाते हैं। नाटक के माध्यम से सरकार से मांग किया गया है कि स्कूल और कालेजों में नाट्य शिक्षक की बहाली हो।
प्रस्तुत नाटक में मनीष महिवाल, रजनीश पांडेय, अभिषेक राज, कृष्ण देव, सोनल कुमारी, रोहित कुमार, राम प्रवेश, प्रिया कुमारी आदि कलाकारों ने अभिनय किया। नाटक के लेखक और निर्देशक मनीष महिवाल हैं।
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