एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। बिहार की राजधानी पटना के गाँधी मैदान (Gandhi Maidan) के समीप स्थित कालिदास रंगालय परिसर में 12 अप्रैल की संध्या राग ” पटना की प्रस्तुति आधी रोटी पूरा चाँद का विमोचन किया गया।
उक्त जानकारी कलाकार साझा संघ के सचिव मनीष महीवाल ने दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तुत नाटक तू मेरा समाज, मैं तेरा समाज पर आधारित है।
महिवाल के अनुसार कहानी का सार इस प्रकार है कि एक सूरज आसमान पर उगता है। एक सूरज धरती पर भी उगता है। शायरा के रूप में, लेखिका के रूप में। अमृता और इमरोज़ का रिश्ता नज़्म और इमेज का रिश्ता है। नज़्म हुई तो इमेज बनी, इमेज आयी तो नज़्म बनी। हमेशा एक दूसरे की खुश्बू से लबरेज़।
एक जज़्बात को काग़ज़ पर उकेरता तो दूसरा रंगों की छटा बिखेरती कूची से पुख्ता संदेश प्रवाहित करता। ज़िन्दगी के उतार-चढ़ाव में खुद को संभाले जग के लिए एक मिसाल के तौर पर आज भी कहीं-न-कहीं, किसी-न-किसी में जीवित है अमृता। फूल मुरझा गया पर महक नहीं मुरझाई। मैं तुम्हें कल फिर मिलूँगी, कहाँ किस तरह नहीं जानती।
महिवाल के अनुसार प्ले बेस्ड ऑन रसीदी टिकट, अमृता इमरोज़, दस्तावेज़, मैं तुम्हें फिर मिलूँगी, प्रतिनिधि कविताएँ एवं खतों का सफरनामा शामिल है। प्रस्तुति संकलन में रणधीर कुमार के अलावा मंच पर आदिल रशीद, अंजलि शर्मा आदि ने किरदार निभाया।
मंच से परे साउंड राजीव कुमार, प्रचार-प्रसार मनीष महिवाल,
सेट प्रबोध विश्वकर्मा, लाइट रणधीर कुमार एवं आदित्य, प्रस्तुति संयोजन भूपेंद्र कुमार, प्रस्तुति प्रबंधक सुनील कुमार राम, सहयोग अमर कुमार, उज्जवल कुमार, बीरबल, राजकुमार, उपेन्द्र एवं संजय जबकि निर्देशक रणधीर कुमार का सराहनीय योगदान रहा।
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