एस.पी.सक्सेना/पटना (बिहार)। प्रेमचंद रंगशाला द्वारा कोरोना काल में दु:खद सत्य पर आधारित राइडर्स टू द सी नाटक का मंचन किया गया। उक्त जानकारी कलाकार साझा संघ के सचिव मनीष महिवाल (Secretary Manish Mahiwal) ने दी।
महिवाल ने कथासार के संबंध में बताया कि राइडर्स टू द सी एक दुखांत कथा है। यह एक ऐसे परिवार की कहानी है, जो एक समुद्री टापू पर रहता है। जिसमें एक माँ अपने दो बेटियों और एक बेटे के साथ रहती है।
उस स्त्री ने अपने पति और 4 बेटों को समंदर में खो दिया है। अब घर मे कमाने वाला सिर्फ एक ही बेटा बचा है। वह भी घोड़े बेचने टापू के पार जा रहा है समुद्री नाव से।
उस मां को ये डर है कि रात होने तक उसका कोई भी पुत्र जीवित नही रहेगा। इसलिये वो अपने बेटे को समंदर में नही जाने को कहती है, पर अंतिम बेटा भी नहीं रुकता है। समुद्र में चला जाता है। अपने अकेले बचे बेटे के भी समंदर में जाने से मां विक्षिप्तता की स्थिति में भ्रम और सच्चाई के बीच संघर्ष करती है। उसे अपने सारे खोए बेटे नजर आने लगते हैं।
अंत में उस मां का सामना सच से होता है, जब उसका अंतिम बचा बेटा भी समंदर की उफान मारती लहरों में डूब जाता है। उसकी लाश घर में आती है। तब वो मां कहती है कि एक दिन सब चले ही जाते हैं। बस हमें सब्र करना चाहिए और उम्मीद का दामन थाम कर जीवन को जीते रहना चाहिए।
महिवाल ने बताया कि नाटक आज के कोरोना काल में समसामयिक सा लगता है, क्योंकि कोरोना में भी कई लोगों ने अपने पूरे परिवार को खो दिया है। फिर भी हमलोग इस सच्चाई को स्वीकार कर परिस्थितियों से संघर्ष कर रहे हैं और जीवन जी ही रहे हैं।
उन्होंने इस नाटक के पात्र का परिचय कराते हुए कहा कि मौर्या की भुमिका में रेणु सिन्हा, कैथलीन की भुमिका में अपर्णा राज, नोरा की भुमिका में रिया शर्मा, बाटले की भूमिका में संदीप कुमार तथा मृत बेटे की भूमिका में क्रमशः प्रिंस राज, दीपक, अंकु गौरव तथा अमरजीत कुमार हैं। जबकि नाटक के निर्देशक राजेश राजा हैं।
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