एस.पी.सक्सेना/पटना (बिहार)। लेखिका उर्मिला कुमारी द्वारा रचित दारू वाले भाई का सफल मंचन बीते दिनों बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ स्थित महावीर कैंसर संस्थान में किया गया। उक्त लघु नाटक का निर्देशन चर्चित कलाकार मनीष महिवाल ने किया।
इस संबंध में दारू वाले भाई के निर्देशक महिवाल ने बताया कि इस नाटक के माध्यम से बताने की कोशिश की गई है कि अभी भी कई लोग नशे किया हालत में वाहन चलाते हैं और सामने वाले को नुकसान कर बैठते हैं।
साथ में अपना तो नुकसान करते ही हैं। ऐसी ही एक स्थिति में एक्सीडेंट होने के बाद पुलिस पहुंचती है और समझा-बुझाकर नशे में धुत व्यक्ति को घर पहुंचा देती है। यह कहते हुए कि अभी इस पर कार्रवाई करने से कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह होश में नहीं है।
इस पर बाद में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें मानवता का एक पहलू यह भी था, कि तत्काल उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। समझा-बुझाकर छोड़ दिया गया।
वहीं नाटक के दूसरे हिस्से में यह बताया जाता है कि मौज-मस्ती एवं पार्टी (Party) के नाम पर जो लोग नशा करते हैं उसका परिणाम क्या होता है। मां-बाप कई अरमानों के साथ अपने बच्चों को शहर में पढ़ने को भेजते हैं, पर बच्चे गलत रास्ते पकड़ लेते हैं। नशे की लत में ऐसा डूबते हैं कि निकल पाना मुश्किल होता है। जब तक उन्हें एहसास होता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।
कार्यक्रम (Program) के दौरान मोहम्मद कमाल परवेज ने बताया कि इस तरह का कार्यक्रम हमेशा होते रहने से समाज को शिक्षा एवं सबक मिलता रहता है। नाटक के दौरान कई गीतों की प्रस्तुति की गई, जिसमें मनीष महिवाल द्वारा गाया गया गीत “दारूवाला भाई मत पीजो मेरे भाई” लोगों को बहुत पसंद आया है।
प्रस्तुत नाटक में मुख्य रूप से मनीष महिवाल, उर्मिला कुमारी, रोहित, देवेंद्र, अभिषेक, वीना गुप्ता एवं रोबन कुमार के अलावा मोहम्मद कमाल परवेज ने सहयोगी की भूमिका निभाया है।
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