गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के तारीख की घोषणा होते ही वैशाली जिले के आठ विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी है। जिला के हद में हाजीपुर, राघोपुर, महनार, राजापाकर, पातेपुर, महुआ, लालगंज और वैशाली विधानसभा क्षेत्र में संभावित उम्मीदवारों ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है।
जानकर बताते है कि इस बार के चुनाव में महागठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बीच अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में चतुष्कोणीय मुकाबला होगा। चुनावी दंगल में जनसुराज और पूर्व मुख्यमंत्री लालु प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव के आने से जिले में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। जिले का सबसे चर्चित विधानसभा क्षेत्र महुआ और लालगंज है। महुआ विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में राष्ट्रीय जनता दल के मुकेश रोशन तेज तर्रार विधायक हैं, जो तेजस्वी यादव के काफी करीबी माने जाते हैं। लेकिन तेज प्रताप यादव द्वारा महुआ से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद यहां चुनावी तापमान काफी बढ़ गया है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से जदयू के उम्मीदवार की अभी घोषणा नहीं की गयी है, लेकिन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की ओर से बिहार के मेघा घोटाले में चर्चित स्थानीय बच्चा राय चुनाव लड़ेंगे। बताया गया कि बीते 6 अक्टूबर को महुआ के गांधी मैदान में न्याय संकल्प जनसभा आयोजित की गयी। जनसभा में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी शामिल हुए, जिन्हें मंच पर उपस्थित जसीमुल हक, प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन, मो. दानिश, अमित कुमार राय उर्फ बच्चा राय ने फूल और बुके देकर भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन औवेसी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आजादी में हिंदू और मुसलमान दोनों ने मिलकर लड़ाई लड़ी थी।
जनसभा में उन्होंने सरकार और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने बताया कि आमजन को खुद अपनी लड़ाई लड़नी होगी। कहा कि पिछले चुनाव में एआईएमआईएम से जीते हुए विधायकों ने जमीर बेचकर सीमांचल की जनता को धोखा दिया, जिसे इस बार जनता माफ नहीं करेगी।
औवेसी ने कहा कि सभी को अपने धर्म संप्रदाय पर चलने का अधिकार है। हम दिल पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार आपस में धर्म के नाम पर लड़वाना चाहते है, जबकि सरकार को जो करना चाहिए वो तो नहीं कर पाते हैं। कहा कि अगर कोई हिंदू भाई आई लव महादेव कहे, तो किसी को आपत्ति नहीं होती, लेकिन जब मुसलमान आई लव मोहम्मद कहता है, तो सरकार को दिक्कत क्यों होती है?
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