गुरु नानक देव की वाणी अनुकरणीय है-दिलबाग सिंह
सिखों के सर्वश्रेष्ठ सम्मान सिरोपा एवं कृपाण से सम्मानित किए गए मुख्य महाप्रबंधक
सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला (West Singhbhum District) के हद में गुआ क्षेत्र स्थित गुरुद्वारा में गुरु नानक जयंती पूरे हर्षोल्लास एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सीख धर्मवलंबीयों ने गुरु नानक देव का 553वां प्रकाश उत्सव के रूप में मनाया गया।
इस अवसर पर स्थानीय गुरुद्वारा में पूजा, निशांत साहेब का चोला बदलाव, अरदास एवं लंगर का आयोजन किया गया। गुरद्वारा के ग्रंथी दिलबाग़ सिंह द्वारा गुरुनानक देव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि मनुष्य को जीवन में सदैव सच्चे कर्मों को करते हुए मानव के जन कल्याण का कार्य करते रहने की प्रेरणा दी गई।
आयोजित कार्यक्रम में गुरुद्वारा के धार्मिक उत्सव में आस्था व निरंतर सहयोग देने वाले मुख्य अतिथि, सेल गुवा के मुख्य महाप्रबंधक विपिन कुमार गिरी को सिखों के सर्वश्रेष्ठ सम्मान सिरोपा एवं कृपाण तथा महिला समिति अध्यक्षा स्मिता गिरी को सिरोपा से सम्मानित किया गया।
साथ ही गुरुद्वारा में निरंतर एक साल तक सेवा देने वाले इंद्रपाल सिंह और उनकी पत्नी को सिरोपा देकर सम्मानित किया गया। मौके पर सेल मुख्य महाप्रबंधक गिरी ने गुरुनानक के ओंकार के मंत्र के माध्यम से बताया कि ईश्वर एक है। वह सभी जगह मौजूद है। हम सबका पिता वही है, इसलिए सबके साथ प्रेमपूर्वक रहना चाहिए।
यहां आयोजित लंगर में लगभग 1000 रहिवासी श्रद्धालुओं ने प्रकाश उत्सव के अवसर पर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में दिलबाग़ सिंह, प्रेमजीत सिंह, जसपाल सिंह, कमलजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, कलविंदर सिंह, सोनू, प्रीतम सिंह, इंद्रपाल सिंह व अन्य का सराहनीय योगदान रहा। सबों ने पूरे श्रद्धा एवं खुशी से श्रद्धालुओं को लंगर में प्रसाद रूपी भोजन कराया।
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