ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। गिरिडीह जिला के हद में पारसनाथ पर्वत के संबंध में चल रहे विवाद के निपटारे हेतु 8 जनवरी को मधुबन गेस्ट हॉउस में बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, जैन समुदाय और ट्रस्ट के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीय संथालियों, गैर संथालियों तथा जिला प्रशासन के डीसी, एसपी, एसडीओ, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी समेत सभी आला अधिकारियों की उपस्थिति में एक वार्ता हुई। वार्ता सकारात्मक रही।
वार्ता के क्रम में सभी समुदाय के तरफ से एक ही बात निकल कर आई कि सह अस्तित्व की भावना जैसे पहले से चलती आ रही है वैसे ही आगे भी चलती रहे। न जैन तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी होनी चाहिए और न ही संथाल समुदायों को। मरांग बुरु तीर्थस्थल पर जाने में कोई परेशानी होनी चाहिए।
वार्ता में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि किसी भी प्रकार के नए नियम जैन के तरफ से नही लगाई जाएगी। और न ही किसी तरह का प्रतिबंध संथालों की तरफ से होगी। पूर्व की तरह दोनों पक्ष अपने अपने तीर्थस्थल, धार्मिक रीति रिवाज और परंपरा का सम्मान करेंगे।
विधायक के सुझाव पर अब एसडीओ की अध्यक्षता में एक अनुमंडलीय स्तर की कमिटी बनेगी। इस कमिटी में एसडीओ, बीडीओ, सीओ, जैन समुदाय के दोनों सेक्टर (दिगम्बर और श्वेतांबर) के सदस्य, स्थानीय जन प्रतिनिधि, मरांग बुरु के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
विधायक, सांसद इनके पदेन सदस्य होंगे। बहुत जल्द इसका प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा। किसी भी अप्रिय घटना होने पर ये कमिटी सबसे पहले सुलझाने का प्रयास करेगी। वार्ता को दोनों ही पक्षों ने प्रशंसा की।
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