राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। शीर्ष अदालत द्वारा चुनावी बांड मामले पर दिए गये निर्णय की भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सराहनीय कदम बताया है।
माकपा झारखंड राज्य सचिव मंडल सदस्य कॉमरेड रामचंद्र ठाकुर, बोकारो जिला सचिव – सह – राज्य कमिटी सदस्य भागीरथ शर्मा तथा जिला कमिटी सदस्य राकेश कुमार ने 13 मार्च को बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के फेज टू स्थित कार्यालय में प्रेस वक्तव्य के माध्यम से कहा कि चुनावी बांड मामले पर शीर्ष अदालत की सकारात्मक भूमिका सराहनीय है।
कहा गया कि शीर्ष अदालत ने चुनावी बांड के खिलाफ याचिका जिसे सीपीएम तथा अन्य ने दायर किया था, पर फैसला देते हुए चुनावी बांड को अवैध, असंवैधानिक तथा नागरिकों के जानने के अधिकार सूचना के अधिकार का उल्लंघन बताया था।
शीर्ष अदालत ने एसबीआई को आदेश दिया था कि 6 मार्च तक चुनावी बांड संबंधित डेटा इसीआई को सौंपे, जिससे इसीआई अपने वेबसाइट पर डाल सके और आम नागरिक को पता चल सके।
परंतु, एसबीआई जो न केवल देश का सबसे बड़ा वित्तिय लेन दें वाला संस्थान है, बल्कि पुरी दुनिया में इसकी प्रतिष्ठा है, ने मोदी सरकार के दबाव में चुनाव तक इसे टालने के लिए याचिका दायर किया जो काफी हास्यास्पद था। जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने सकारात्मक व सख्त रूख अख्तियार करते हुए 12 मार्च शाम तक का समय दिया कि वह इसीआई के समक्ष चुनावी डेटा सुपुर्द करे।
कहा गया कि एसबीआई ने निर्धारित तिथि पर डेटा सबमिट करने में असमर्थता जाहिर करते हुए चुनाव बाद यानी जून तक का समय के लिए याचिका लगायी थी। अपने पर कानून का सिकंजा कसता देख 12 मार्च को चुनावी बांड डेटा एसबीआई को सुपुर्द कर दिया। इससे यह साबित होता है कि एसबीआई का डेटा सबमिट करने के लिए जून तक समय मांगना हास्यास्पद एवं मोदी सरकार के दबाव में उठाया गया कदम था।
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