रंजन लाला/कसमार (बोकारो)। झारखंड को बचाने के लिए राजनीति के मैदान में आना होगा। तब जाकर यहां के प्राकृतिक संपदा जल, जंगल, जमीन को बचाया जा सकता है। उक्त बातें 8 अगस्त को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड दुर्गापुर पंचायत के मुखिया अमरेश कुमार महतो उर्फ अमर लाल ने कही।
उन्होंने कहा कि अलग राज्य होने का मतलब झारखंड के रहिवासियों को सही जानकारी नहीं था। जिसके चलते बाहरी तत्व झारखंड को लुटने में मस्त रहें। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। झारखंड को बचाने के लिए यहां के मुल रहिवासियों में राजनीतिक अवतरण जरूरी है। अपना सांसद, अपना विधायक होगा।
तब जाकर झारखंड के अस्तित्व को बचाया जा सकता है। इसलिए झारखंडी अस्मिता की लड़ाई लड़ रहे जुझारू जयराम महतो का साथ देकर आगामी लोकसभा चुनाव में झारखंड से अधीक सीट से जीत दर्ज कराना होगा। तब जाकर झारखंडियो का सम्मान बचेगा।
मुखिया अमर लाल ने कहा कि जब से अलग राज्य बना, तब से अब तक सिर्फ लुट ही हुआ। इसे देखने वाला कोई नहीं रहा। झारखंड को बचाने के लिए जयराम महतो का अवतारण हुआ है। यहां की जनता अब जाग चुकि है। अपने हक़ अधिकार के लिए रहिवासी जाग गये है।
अपना हक, अधिकार कैसे लिया जाता है, आने वाला समय ही बतायेगा। झारखंड में बहुत जल्द 1932 का खातियान लागु होकर रहेगा। महतो ने कहा कि झारखंड के खतियानी जनता अपना हक़ अधिकार के लड़ाई जयराम महतो के नेतृत्व में आंदोलन जारी है। आंदोलन को अब किसी का ताकत नहीं है कुचलने का। झारखंडियों का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो झारखंड विरोधी रहेंगे झारखंड से बाहर भेज दिए जाएंगे।
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