एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर थाना परिसर में स्थानीय थानाध्यक्ष द्वारा एक जुलाई को एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एक जुलाई से देश भर में लागू हो रहे तीन नये कानून की जानकारी दी गयी।
उक्त बैठक में ताजपुर थाना क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य रहिवासी उपस्थित हुए, जिसमें क्रमशः भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल मल्लिक, राजद के तबरेज आलम, मो. मनौव्वर, जदयू के मो. गिलमान, भाजपा के राजकुमार पंडित, वार्ड पार्षद अशोक राय, अजहर मिकरानी, मन्टू बाबू, राजीव सुर्यवंशी आदि समेत थाना के तमाम पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।
मौके पर थानाध्यक्ष शनी कुमार मौसम ने कहा कि एक जुलाई से लागू भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम नामक तीन नये कानून पुरे देश में एकसाथ लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि अब पीड़ित देश के किसी भी हिस्से से पुलिस की वेवसाईट पर एफआईआर दर्ज करा सकता है, लेकिन तीन दिनों के अंदर आवेदक को उपस्थित होकर आवेदन पर अपना हस्ताक्षर करना होगा।
उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई घटना घटती है तो उक्त स्थल पर मौजूद साक्ष्य से कोई छेड़छाड़ न करें। स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दें। पुलिस घटनास्थल पर जाकर अपना कार्य करेगी। पीड़ित के आवेदन पर मोबाइल नंबर, ईमेल एवं गवाह का भी मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस आदि डालना होगा।
कहा कि अब नये कानून के अनुसार आवेदक को एफआईआर का एक प्रति पाने का अधिकार है। नये कानून की धारा 396 तथा 397 में पीड़ित को सरकारी स्तर पर ईलाज एवं मुआवजा का अधिकार होगा। धारा 398 के तहत गवाह को संरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि नये कानून में क्रिमिनल जस्टिस के सभी चरणों का डीजीटल रूपांतरण किया गया है, जिसमें ई सम्मन, ई नोटीस, ई ट्रायल शामिल है। कहा कि अब अदालतों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को फिजिकल एवीडेंस के बराबर माना जाएगा। बैठक के अंत में तीनों नये कानून से संबंधित दस्तावेज का प्रारूप उपस्थित गणमान्य जनों को दिया गया।
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