पुलिस ने सुप्रिया हत्याकांड के आरोपी को भीड़ के चुंगल से बचाया

बीते 15 सितम्बर को करनौती की 14 वर्षीया स्कूली छात्रा की हुयी थी हत्या

संतोष कुमार/वैशाली (बिहार)। राज्य (State) भर में काफी चर्चा में रहे वैशाली जिला की बेटी एवं छात्रा सुप्रिया हत्याकांड में 20 सितंबर को एक नया मोड़ आ गया।

हत्याकांड का एक आरोपी समस्तीपुर जिले (Samastipur district) के सीमावर्ती इलाके के सहदुल्लह चक स्थान पर स्थानीय रहिवासियों के हत्थे चढ़ गया। भीड़ ने उसे संदिग्ध मानते हुए गिरफ्त में लेकर जमकर धुनाई कर दिया।

बाद में पांच थानों की पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी दशरथ मांझी को भीड़ के चंगुल से बचाकर वैशाली पुलिस मुख्यालय हाजीपुर ले गयी।

बताया जाता है कि भीड़ के चंगुल में फंसे आरोपी मांझी की निशानदेही पर छात्रा सुप्रिया की साइकल तथा उसका बैग बरामद कर लिया गया है।

वैशाली पुलिस मुख्यालय को जैसे ही आरोपी के स्थानीय लोगों के हत्थे चढ़े होने की भनक लगी, एसपी मनीष, डी आई यू की टीम के अलावा देसरी, बिदुपुर, जंदाहा, महनार और समस्तीपुर के पटोरी थाने की पुलिस पहुंचकर भीड़ के बीच मोर्चा संभाला।

हालांकि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आलाधिकारियों ने सूझ बुझ से काम लिया। किसी तरह आरोपी दशरथ मांझी को भीड़ के चुंगल से छुड़ाया जा सका। वहां से उसे मुख्यालय हाजीपुर लाया गया।

बताया जाता है कि देर शाम तक पदाधिकारी वहां कारवाई मे जुटे थे। जानकारी के अनुसार एसडीपीओ महनार सुरेंद्र कुमार पंजियार और थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। मालूम हो कि छात्रा सुप्रिया हत्याकांड की चर्चा काफी जोर पकड़ रही थी।

इसी बीच आरोपी दशरथ मांझी पकड़ में आ गया। रहिवासियों का कहना है कि अगर पुलिस अधिकारियों ने सूझ बुझ से काम नहीं लिया होता तो भीड़ आरोपी को नहीं बख्शने वाली थी।

विदित हो कि इस चर्चित हत्याकांड के बाद करनौती ग्राम पहुंचने वालों में तिरहुत प्रक्षेत्र के आईजी गणेश कुमार, एसपी मनीष के अलावा अन्य कई अधिकारी भी पहुंचे थे। गमगीन परिजनों से मिलकर उन्हे सांत्वना के साथ साथ कार्रवाई भरोसा भी दिया था।

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