एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। दलित समाज पर पुलिसिया जुल्म किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनगड़ा थाना प्रभारी एवं दोषी पुलिसकर्मीयों को अविलम्ब मुअतल किया जाए अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।
उपरोक्त बातें 6 जुलाई को आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह हटिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने कही। नायक ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक एवं एसएसपी रांची से मांग करते हुए कहा कि अनगड़ा थाना में पुलिस की बर्बरता और पुलिसिया जुल्म का भंडाफोड़ हुआ है, जिसकी सत्यता से जांच करा कर अनगड़ा थाना प्रभारी एवं दोषी पुलिस कर्मियों को तत्काल मुअत्तल किया जाए, अन्यथा दलित समाज आंदोलन करने को बाध्य होगा।
नायक ने कहा कि अनगड़ा थाना क्षेत्र के रहिवासी निर्दोष राहुल नायक को जबरन थाने ले जाकर बेवजह बुरी तरह से तीन दिन तक हाजत में रखकर थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिसकर्मी उसे लाठी डंडों से बुरी तरह से पीटने का कार्य किया है, जिसकी हालत आज नाजुक बनी हुई है।
उसके शरीर के कई हिस्सों में गहरी चोट लगी है। शरीर का कई हिस्सा काला पड़ गया है। युवक का कसूर सिर्फ यह है कि उसका छोटा भाई एक नाबालिक लड़की को लेकर फरार हो गया। पुलिस उसी संदर्भ में पूछताछ के नाम पर बीते एक जुलाई को करीब 1:30 बजे रात को राहुल नायक एवं उसके पिता शंकर नायक को अनगड़ा के थानेदार सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने उठाकर थाना लाया।
पूछताछ के क्रम में उसे लाठियां से बुरी तरह पीटा गया। उसके पिता को दो दिन रखकर थाना से छोड़ा गया, जबकि उसे तीन दिन हाजत में रखकर पिटाई की गई। उसकी जब हालत खराब होने लगी तो उसे थाना से निकलकर बाहर सड़क पर फेंक दिया गया। यह अमानवीय अपराध है। बर्बरतापूर्ण पुलिसिया जुल्म भी है, जिसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
नायक में कहा कि इस तरह के पुलिसिया जुल्म दलित समाज पर जो किए गए हैं वह कभी सही नहीं माना जा सकता है। यह बर्दाश्त के लायक भी नहीं है। अगर पुलिस महानिदेशक एवं एसएसपी रांची द्वारा घटना की त्वरित जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो दलित समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेवारी शासन प्रशासन पर होगा ना कि दलित समाज पर।
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