प्रकाश में आया अपराधी पुलिस गठजोड़ का मामला
प्रहरी संवाददाता/हाजीपुर (वैशाली)। सारण जिला के हद में सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर थाना पुलिस द्वारा वैशाली जिला के हद में करताहां थाने में घटित एक महिला के हत्या के आरोप में मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर थाने में तैनात एक दरोगा संतोष रजक को गिरफ्तार किया गया।
बताया गया कि बीते 15-16 जनवरी की देर रात वैशाली जिले के करताहा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की उसके ससुराल वालों ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी। साक्ष्य छिपाने की नीयत से आरोपियों ने महिला के शव को उसके मायके सोनपुर के हरिहरनाथ थाना क्षेत्र स्थित चिड़िया बाजार में फेंक दिया था। सुबह घर के दरवाजे पर शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था।
घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय रहिवासी मौके पर एकत्र हो गए। सूचना पाकर हरिहरनाथ थानाध्यक्ष विमलेश कुमार सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। मृतका की पहचान सोनपुर थाने के चिड़िया बाजार (कोइरी पट्टी) रहिवासी जयप्रकाश महतो की 28 वर्षीय पुत्री सरिता प्रकाश के रूप में हुई है।
मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि दहेज में 5 लाख रुपये न देने पर ससुराल वालों ने उनकी बेटी की हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार जयप्रकाश महतो ने अपनी पुत्री सरिता की शादी पिछले वर्ष 9 मई 2025 को वैशाली जिले के करताहाँ थाना क्षेत्र के करताहाँ बुजुर्ग गांव रहिवासी सत्येंद्र कुमार (पिता- स्वर्गीय रघुनाथ) के साथ की थी। पिता का कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष सरिता को प्रताड़ित कर रहे थे और रुपयों की मांग कर रहे थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सारण एसएसपी ने सोनपुर एएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया था। पुलिस ने जब घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, उसमें शव फेंकने की पूरी वारदात और प्रयुक्त गाड़ी कैद हो गई। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शव को ठिकाने लगाने के लिए जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया, वह मुजफ्फरपुर के एक थाने में तैनात दरोगा संतोष रजक की है।
पुलिस ने दरोगा के ससुराल वैशाली जिले के लालगंज से उक्त गाड़ी को बरामद किया। जब फॉरेंसिक टीम ने वाहन की सघन जांच की, तो गाड़ी के अंदर से मृतका के बाल बरामद हुए, जो इस कांड में गाड़ी की संलिप्तता का सबसे बड़ा वैज्ञानिक प्रमाण बना। बताया गया है कि मृतिका का पति सतेन्द्र कुमार करताहा थाना में पूर्व में पदस्थापित दरोगा संतोष रजक की निजी स्कॉर्पियो गाड़ी का चालक था। यह भी बताया जाता है कि मृतिका का पति अवैध कार्य में लिप्त रहता था। साथ ही उसकी थाने के सभी पुलिस पदाधिकारी से अच्छी जान पहचान थी। आरोप है कि मृतका का शव ठिकाने लगाने में उक्त दरोगा संतोष रजक ने आरोपी सतेंद्र कुमार की मदद की। पकड़े गए दरोगा पर हत्यारोपियों की मदद करने और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराने का आरोप है।
पुलिस इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। जेल भेजे गए आरोपियों में मुख्य आरोपी की भाभी सवीता देवी सहित दो आरोपी शामिल हैं। तीसरी गिरफ्तारी गाड़ी मालिक संतोष रजक की हुई है, जो मुजफ्फरपुर में दरोगा है। अभी तक मुख्य आरोपी मृतिका का पति गिरफ्तार नहीं हुआ है। इस संबंध में एसएसपी का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे स्पीडी ट्रायल के लिए चिह्नित किया गया है। न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा सुनिश्चित कराई जाएगी। फरार चल रहे शेष तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है।
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