फिरोज आलम/जैनामोड़ (बोकारो)। बिहार की राजधानी पटना के कालिदास रंगालय में बीते 28 जुलाई को 8वां प्रेमनाथ खन्ना सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लिट्रा पब्लिक स्कूल के बच्चों ने अपनी कला प्रस्तुति, शाश्त्रीय गायन और नाटकों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में साहित्य की रस वर्षा की गयी। साथ हीं ममता मेहरोत्रा की पुस्तक का विमोचन किया गया।
सामयिक परिवेश का 8वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर आदिशक्ति प्रेमनाथ खन्ना सम्मान समारोह की तीन दिवसीय शुरुआत कालिदास रंगालय में की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन रंगालय में दीप प्रज्वलन और स्व. प्रेमनाथ खन्ना को पुष्पांजलि अर्पित कर की ग़ई। समारोह का उद्घाटन बिहार सरकार के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने किया।
अपने उद्घाटन भाषण में मंत्री ने कहा कि ममता मेहरोत्रा साहित्य और शिक्षा क्षेत्र की एक ऐसी हस्ती हैं, जिनसे हम प्रेरणा ले सकते हैं। इतना बड़ा मुक़ाम हासिल करने के बाद इतने बड़े स्तर पर प्रत्येक वर्ष अपने पिता की याद में कार्यक्रम करती रहती हैं। यह हम सब के लिए अनुकरणीय है।
उद्घाटन के बाद ममता मेहरोत्रा की पुस्तक इंटप्रेशन ऑफ श्रीमद्भागवत गीता (अंग्रेजी) और गीता प्रश्नोतरी (हिन्दी) का विमोचन भी मंत्री चौधरी के हाथों किया गया। लिट्रा पब्लिक स्कूल के चेयरपर्सन अमित प्रकाश और डीपीएस इस्ट के प्रबंध न्यासी मनिष आनंद मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार रखे।
मौक़े पर सामयिक परिवेश की अध्यक्षा ममता मेहरोत्रा ने कहा कि साहित्यिक व् सांस्कृतिक संस्था सामयिक परिवेश का यह 8वाँ प्रयास है। हमारा यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा। बस आपलोगों का सहयोग इसी तरह बना रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत लिट्रा पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा गणेश वंदना और गुरु वंदना के साथ किया गया। स्कूल में ही शार्ट इंग्लिश प्ले सिलेंड्रा प्रस्तुत किया गया। इसके साथ हीं कई कई छोटे छोटे इंग्लिश स्किट्स भी प्रसतुत किये गए। बच्चों के सांस्कृतिक विकास में स्कूल का यह प्रयास बेहतर माना जा रहा है।
एक तरफ जहां आज के अधिकतर बच्चे मोबाइल में अपना समय अनावश्यक बरबाद कर रहे हैं वहीं लिट्रा पब्लिक सकूल अपने स्कूल के बच्चों में कला संस्कृति का सुदृढ़ बीज बो रहा है। इसकी प्रशंसा दर्शकों से ले कर अभिभावकों तक ने की। इसके बाद अध्ययन आर्ट एकेडमी के कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य का फ्यूजन प्रस्तुत कियाा।
वहीं कई बेहद सुंदर शासत्रीय नृत्य दर्शकों को देखने को मिला। नृत्य कार्यक्रम के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ मीना परिहार, सविता राज और पुष्पा गुप्ता सहित कई कवियों और कवियत्रियों ने अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
पहले दिन के कार्यक्रम का समापन ममता मेहरोत्रा की कहानियों पर आधारित और उपेंद्र कुमार निर्देशित नाटक जुर्म बिहार आर्ट थियेटर द्वारा प्रस्तुत किया गया। ब्रमहानंद पाण्डेय ने इसका नाट्य रूपांतरण किया था। इस नाटक में प्रवीण कुमार, आयुष कुमार, धंन्नू और सूरज कुमार ने अपना बेहतर अभिनय प्रस्तुत कर दर्शकों को प्रभावित किया।
पार्श्व स्वर अभिषेक रंजन का था। कार्यक्रम के अंत में संस्था की संस्थापिका मेहरोत्रा ने सभी कलाकारों और कवियों को सम्मानित किया और कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
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