प्रहरी संवाददाता/समस्तीपुर (बिहार)। अग्निपथ को लेकर जारी भाड़ी आक्रोश के बाद बीते 17 जून (4 दिनों) से इंटरनेट (Internet) सेवा बंद किये जाने से बीमार लोग, छात्र, कारोबारी समेत आमजन परेशान हाल रहे।
नेट पर आश्रित इस दौर में सरकार को इंटरनेट बंदी के बजाये समाचार माध्यम से जुड़े एप, साइट्स आदि बंद करने जैसे अन्य विकल्प तलाशना चाहिए। भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य सह महिला संगठन ऐपवा के जिला अध्यक्ष बंदना सिंह उक्त बातें कही।
महिला नेत्री सिंह ने कहा कि अग्निपथ को लेकर जारी बबाल के बाद 17 जून से समस्तीपुर जिले (Samastipur) में इंटरनेट सेवा पूर्णतः बंद कर दिया गया। इससे बीमार लोगों का ईलाज, सीटी स्कैन एवं जांच रिपोर्ट, ऑनलाइन कारोबार, छात्रों का आनलाईन क्लास, बिजली,आफ।
टीवी आदि रिचार्ज, पॉश मशीन, पे-फोन, पेटीएम, ईमेल, संवाद प्रेषण समेत अन्य सभी ऑनलाइन माध्यम से काम कर रहे मशीन बंद रहने से लोगों की परेशानी के अलावे लाखों- लाख रूपये का कारोबार भी प्रभावित रहा है।
उन्होंने बताया कि नेट बंद रहने से अस्पताल से मरीजों को बिना ईलाज लौटना पड़ता है। पेट्रोल पंप से बिना पेट्रोल लिए लोगों को लौटना पड़ता है। रेल, जहाज़ आदि का टिकट न कटाया और न ही लौटाया जा सकता है। गाँव- टोलों में रुपये की निकासी नहीं होने से पेंशनधारी लाचार- बृद्ध परेशान हैं।
माले नेत्री ने कहा कि सरकार डीजिटल इंडिया (Government Digital India) बनाने का वादा कर रही है और नेट बंद कर लोगों को परेशान कर रही है। उन्होंने नेट बंद करने के बजाय समाचार संप्रेषण से संबंधित एप, साइट्स आदि बंद करने जैसा विकल्प की तलाश करने और तत्काल इंटरनेट चालू कर लोगों को परेशानी से निजात दिलाने की मांग की।
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