वेल्लोर कैंसर चिकित्सालय में जीवन का जंग हार गया काशीनाथ महथा
प्रहरी संवाददाता/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में डीएवी गुवा में निरंतर 18 वर्षों से सेवारत 47 वर्षीय चतुर्थवर्गीय कर्मी काशीनाथ महथा का एकाएक कैंसर के कारण उनके स्थायी पैतृक निवास बोकारो में मौत हो गई।
डीएवी गुवा के स्कूली बच्चों के बीच सच्चे कर्मी एवं इमानदारी पूर्वक कार्य करने के लिए चर्चित काशीनाथ महथा की कैंसर से मौत की खबर सुन बच्चों एवं शिक्षकों ने संवेदना व्यक्त की। उनके आत्मा की शांति के लिए 22 नवंबर को विद्यालय परिसर में प्रार्थना सभा आयोजित गई। दो मिनट का मौन धारण कर नम आँखो से विद्यालय परिवार द्वारा काशीनाथ के किए अच्छे कार्यों व उनके उत्कृष्ट सेवा को याद किया गया।
लगातार नौ माह से बीमार चल रहे काशीनाथ महथा की चिकित्सा वेल्लोर के कैंसर चिकित्सालय में चल रहा था। अंततः वह जीवन की जंग हार गया और रोते बिलखते परिवारजनों तथा जाननेवालो को छोड़कर अनंत मार्ग पर चला गया।
वर्ष 2004 में डीएवी में नियुक्ति के उपरांत काशीनाथ महथा ने कुछ माह बोकारो जिला के हद में डीएवी तेनुघाट में सेवा दी थी। तत्पश्चात निरंतर 18 वर्षों से डीएवी गुवा के बच्चों के लिए समर्पित हो कार्यरत थे। वर्ष 2005 से 2007 तक वे डीएवी गुवा में अस्थायी रूप सेवारत रहने के उपरांत एक अप्रैल 2007 से डीएवी गुवा में स्थायी कर्मी के रूप में निरन्तर सेवा दे रहे थे।
कम आय व आर्थिक कष्ट के बावजूद निरंतर डीएवी गुवा में दिवंगत काशीनाथ बच्चों एवं शिक्षकों की सेवा करता रहा था। बच्चों से अपार स्नेह रखने वाला काशीनाथ वेल्लोर के कैंसर चिकित्सालय में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है। शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके तथा आर्थिक तंगी ने मृतक काशीनाथ महता को कैंसर की बीमारी के सामने घुटने टेकने को मजबूर कर दिया था।
डीएवी गुवा के पूर्व सेवानिवृत प्राचार्य अशोक कुमार शर्मा एवं वर्तमान प्राचार्या उषा राय के सानिध्य में बच्चों एवं विभिन्न स्कूलों के शिक्षको ने मृतक महता को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें बचाने के लिए प्रयासरत रहे थे।
डीएवी गुवा मे आयोजित शांति सभा को संबोधित करते हुए प्राचार्या उषा राय व शिक्षक आशुतोष शास्त्री ने मृतक काशीनाथ महता को डीएवी संस्था का सच्चा प्रहरी व सेवक बताया। मृतक अपने पीछे डीएवी गुवा मे अध्ययनरत एक पुत्र एवं पुत्री को छोड़ गए है।
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