
एस. पी. सक्सेना/धनबाद (झारखंड)। छात्र नेता युगदेव महथा की अध्यक्षता में कुड़माली भाषा को स्नातकोत्तर एवं बीएड पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की माँग को लेकर 15 जुलाई को शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा धनबाद जिला के हद में बलियापुर स्थित बिनोद बिहारी महतो के समाधि स्थल से प्रारंभ होकर बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय तक आयोजित किया गया।

पदयात्रा के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने बीबीएमके विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि क्षेत्रीय भाषा एवं संस्कृति को संरक्षण देने की दिशा में विश्वविद्यालय पहल करते हुए कुड़माली भाषा को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में स्थान दे। पदयात्रा में मुख्य रूप से मंजेस महथा, आकाश महतो, अश्विनी महतो, अक्षय प्रजापति, जयराम महतो, लव कुमार, मिथलेश महतो, अजय महतो, राढ़ करम महतो, विक्रम महतो, संतो बनवार, परमेश्वर महतो, सुनील महतो, अजय साहू, प्रियंका कुमारी, सुमन कुमारी, अंजू कुमारी, उमा कुमारी, गीता कुमारी, चंदना कुमारी, सुमति कुमारी, सरिता कुमारी, काजल महतो आदि छात्र-छात्रा एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।

यह कार्यक्रम स्थानीय भाषा, संस्कृति और पहचान के संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। छात्र प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि माँग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
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