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विस्थापित समन्वय समिति द्वारा आउटसोर्सिंग में चक्का जाम

वार्ता के बाद पुनः काम चालू, पांच घंटा कार्य प्रभावित

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के जारंगडीह परियोजना बीकेबी आउटसोर्सिंग कंपनी का विस्थापित समन्वय समिति के आह्वान पर दर्जनों विस्थापितों ने 16 सितंबर को काम ठप्प करा दिया। लगभग पांच घंटा बाद बोकारो थर्मल थाना प्रभारी के पहल पर पीओ से वार्ता के बाद चक्का जाम आंदोलन वापस लिया जा सका।

जानकारी के अनुसार पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत विस्थापित समन्वय समिति समर्थक दर्जनों आंदोलनकारियों द्वारा आहूत चक्का जाम आंदोलन के दौरान 16 सितंबर की सुबह लगभग छह बजे आउटसोर्सिंग कंपनी का काम ठप्प करा दिया गया। अनिश्चितकालीन काम बंद कर दिए जाने से कतार बद्ध बीकेबी कंपनी का दर्जनों ओबी लोड हाइवा ट्रक खड़ी हो गयी।

इस मौके पर विस्थापित समन्वय समिति के सचिव दशरथ महतो, उपाध्यक्ष नौशाद अंसारी एवं कार्यकर्ता सज्जाद अंसारी, इरशाद अंसारी, शमशाद अंसारी, मोहम्मद हसिमुद्दीन अंसारी, जाफर अंसारी, मो. कुर्बान अंसारी आदि के द्वारा नियोजन, वर्तमान दर से मुआवजा की मांग एवं पुनर्वास की मांग कर रहे थे।

बाद में बोकारो थर्मल थाना प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर शैलेश चौहान के हस्तक्षेप के बाद जारंगडीह पीओ पी गुइन के साथ संपन्न सकारात्मक वार्ता के बाद दिन के लगभग 12 बजे आंदोलनकारियों ने चक्का जाम आंदोलन वापस ले लिया।

इस दौरान विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए कथारा क्षेत्र के क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभारी चंदन कुमार, जारंगडीह परियोजना के सुरक्षा प्रभारी मनोज सुंडी तथा बोकारो थर्मल थाना पुलिस दल बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद दिखे।

इस संबंध में विस्थापित समन्वय समिति के सचिव दशरथ महतो ने कहा कि समिति स्थानीय, क्षेत्रीय एवं सीसीएल मुख्यालय प्रबंधन को हमेशा पत्र के माध्यम से अवगत कराता रहा, किंतु उनके कान में जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने कहा कि मेरा जमीन गया है। बार बार आग्रह करने के बाद भी प्रबंधन टस से मस नहीं हो रही है। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें चक्का जाम आंदोलन करना पड़ा।

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