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गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिजनों द्वारा आक्रोश रैली व् धरना

ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पिट्स मॉर्डन उच्च विद्यालय गोमिया की कक्षा नौ की छात्रा आरोही रानी की मृत्यु के लगभग डेढ़ माह बाद भी प्रशाशन द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाने के आक्रोश में मृतका के पिता एवं शुभ चिंतकों द्वारा 12 जुलाई को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी के खिलाफ में आक्रोश रैली निकाली गयी। साथ हीं अनुमंडल कार्यालय पर धरना दिया गया।

जानकारी के अनुसार धरना के क्रम में आरोही के पिता संतोष श्रीवास्तव अपने समर्थकों के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह एवं अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा से अनुरोध किया कि स्कूल प्रबंधन के सातों नामजद आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो। साथ ही कहा गया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आगामी 16 जुलाई से अनुमंडल मुख्यालय के मुख्य द्वार पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।

धरना दे रहे परिजनों ने आइएल थाना पर विद्यालय प्रबंधन से मिली भगत का आरोप लगाते हुए असंतोष जताया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने असंतुष्ट मृतक छात्रा आरोही रानी के परिजनों के साथ जमीन पर बैठ कर कहा कि जांच चल रही है। बहुत जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, उन्होंने इस बात का भरोसा दिलाया है।

ज्ञात हो कि, तेनुघाट पंचायत की मुखिया नीलम श्रीवास्तव एवं समाज सेवी संतोष श्रीवास्तव की एक मात्र इकलौती पुत्री आरोही रानी की मृत्यु बीते 29 मई को रांची के ऑर्किड हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हो गई, जिसके कारण पूरा परिवार अबतक सदमे में है। मृतक छात्रा के पिता ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा आरोही सहित स्कूल के 18 छात्रों को हजारीबाग एनसीसी कैंप ट्रेनिंग के लिए ले जाया गया था। जहां आरोही की तबियत काफी खराब हो गई थी।

तब ट्रेनिंग कर रही छात्रों ने उन्हें बताया कि ट्रेनिंग सेंटर पर किसी प्रकार का कोई व्यवस्था नहीं था। खाना, पीना, रहना और सोने की भी उचित व्यवस्था नहीं थी। यहां तक कि तबियत खराब होने पर किसे बताया जाय कोई डॉक्टर और न ही जवाबदेही वाला पदाधिकारी या मास्टर कैंप में उपस्थित थे। छात्रों ने परिजनों को बताया कि आरोही की तबियत 19 मई से खराब हो रही थी, तब 22 मई को उनके पिता को फोन कर बताया गया कि उसकी तबियत खराब हो गया है।

मृतक के पिता श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन के बजाय दूसरे छात्रों द्वारा फोन कर बताया गया कि आरोही की तबियत काफी बिगड़ गई है। इसके बाद आनन फानन में ऑर्किड हॉस्पिटल रांची में भर्ती कराया गया था, जहां आरोही का देहांत हो गया। बताया गया कि शोकाकुल परिवार को प्रति दिन सुबह से लेकर शाम तक सैकड़ों गणमान्य ढाढस देने पहुंच रहे थे, परन्तु विद्यालय प्रबंधन की ओर से एक भी शिक्षक अफसोस जताने तक नहीं गए थे। जिसके बाद मृतका के परिजन ने आई ई एल थाना में कांड संख्या 18/25 बीएनएस 105 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज की गई है।

जिसमे विद्यालय उपाध्यक्ष अरिंदम दास गुप्ता, कोषाध्यक्ष रोशन सिन्हा, सदस्य आशीष सिंह, प्रभाष कुमार झा, रागीब बेलाल साबरी, प्राचार्य बृज मोहन लाल दास तथा एनसीसी शिक्षक चंदन प्रताप सिंह को आरोपी बनाया गया है।

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