सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में सारंडा के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में इनदिनों मौसमी बीमारी व मलेरिया का प्रकोप एक बार पुनः बढ़ना प्रारम्भ हो गया है। इसकी मुख्य वजह सारंडा जंगल क्षेत्र में निरंतर जारी वर्षा, तापमान में उतार-चढ़ाव, जल जमाव, गंदगी की वजह से मच्छरों का प्रकोप, दूषित पेयजल एवं ताजा तथा पौष्टिक आहार नहीं लेना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 सितंबर को मनोहरपुर प्रखंड के हद में गंगदा पंचायत के ग्राम दुइया में कृष्णा चेरोवा की दो वर्षीय बच्ची की मौत बीमारी से हो गई। बताया जाता है कि उक्त बच्ची पिछले दो दिनों दिनों से ठंड एवं बुखार से पीड़ित थी।परिवार गरीबी की वजह से बच्ची का इलाज नहीं करा सका और सही समय पर इलाज नहीं मिलने की वजह से बच्ची की मौत हो गई।
गंगदा पंचायत के मुखिया सुखराम उर्फ राजू सांडिल्य एवं उनकी बेटी अनुप्रिया समेत अन्य दर्जनों रहिवासी भी मौसमी बीमारी व बुखार से पीड़ित हैं। राजू सांडिल्य ने अपनी बेटी को इलाज को लेकर सेल की चिड़िया अस्पताल में भर्ती कराया।
लेकिन तीन दिन तक कोई सुधार नहीं होता देख वह उसे बेहतर इलाज के लिए उड़ीसा के राउरकेला ले गये। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम से आग्रह किया है कि सारंडा के गंगदा पंचायत समेत अन्य गांवों के बीमार मरीजों की जान बचाने के लिये चिकित्सा शिविर का आयोजन करें।
184 total views, 1 views today