ऐसोसिएशन को बस भाड़ा बढ़ाने का अधिकार किसने दिया-माले
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)। कोरोना काल में तय सीट से आधे पैसेंजर बैठाने के एवज में दोगुना भाड़ा बढ़ाया गया था। उसे घटाने का मांग किया ही जा रहा था कि डीजल की बढ़ती कीमत का हवाला देकर 15 मार्च से पुनः करीब दोगुना बस भाड़ा बढ़ा दिया गया। इसे लेकर सड़क से लेकर स्टैंड तक पैसेंजर हलकान है। वहीं जिला प्रशासन चैन की नींद सो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 मार्च से जो बस भाड़ा में वृद्धि की गई है, यह बस ओनर एसोसिएशन के द्वारा नहीं बल्कि ट्रक आनर एसोसिएशन द्वारा भाड़ा बढ़ा दी गई है। जिला मोटर व्यवसाई संघ संबद्धता संख्या T6172 के द्वारा जारी जो पत्र का हवाला दिया गया है, यह ट्रक का एसोसिएशन बताया जाता है। यह जांच का विषय है। इसकी जानकारी होने पर भाकपा माले की टीम ने बस ऑनर एसोसिएशन के पदधारक से पूछने पर उन्होंने बताया कि बस आनर एसोसिएशन आंशिक भाड़ा वृद्धि का प्रस्ताव पत्र परिवहन मंत्रालय को भेजा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जो तय करेगी उसे मानेंगे।
भाकपा माले (Bhakpa Male) के जिला कमेटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह (District Committee member Surendra Prasad Singh) 7 ने इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से अपील किया है कि वे जल्द बस ऑनर के साथ सर्वदलीय बैठक बुलाकर कोरोना काल में बढ़ाए गये भाड़ा की समीक्षा करें एवं डीजल के मूल्यवृद्धि के हिसाब से भाड़ा तय करें। माले नेता सिंह ने कहा कि पिछले वर्षों में भी कई बार सर्वदलीय बैठक के जरीये सरकारी आदेश के आलोक में जिला प्रशासन के पत्र द्वारा भाड़ा बढ़ाने की परम्परा रही है। इस बार भी सर्वदलीय बस ऑनर एवं प्रशासनिक पदाधिकारी की बैठक कर भाड़ा निर्धारण करें। साथ ही नाम के अनुसार जेनरल, डिलक्स, एसी आदि बसों के कैटेगरी की जांच कर कार्रवाई करे। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार का भाड़ा वृद्धि सिर्फ समस्तीपुर में की गई है। दूसरे जगह इस प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है। भाकपा माले नेता ने कहा कि जिला प्रशासन अविलंब इस पर एक्शन नहीं लेती हैं तो भाकपा माले, आइसा, इनौस समेत अन्य सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के साथ मिलकर चक्का जाम आंदोलन चलाने को बाध्य होगी।
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