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हरनाद एवं टांगटोना में स्कूल आधारित बाल अधिकार प्रशिक्षण का आयोजन

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के +2 उच्च विद्यालय हरनाद एवं उच्च विद्यालय टांगटोना में सहयोगिनी संस्था द्वारा बाल हिंसा संबंधी कानून पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। साथ ही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ाव तथा अभिवंचित वर्ग की किशोरी तथा महिलाओं के बीच जेंडर जागरूकता एवं हिंसा की रोकथाम को लेकर चर्चा किया गया।

सहयोगिनी के समन्वयक प्रकाश कुमार महतो ने 22 अप्रैल को बताया कि सहयोगिनी द्वारा कसमार प्रखंड के दुर्गापुर, बगदा, खैराचातर एवं टांगटोना पंचायत के 19 गांव में किशोरी एवं युवा महिला समूह बनाकर नेतृत्व क्षमता विकसित करने सहित सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़कर उनके जीवन में बदलाव लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेंडर, घरेलू हिंसा, कूपोषण, स्वास्थ, बाल विवाह एवं बाल संरक्षण को लेकर समूह में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि स्कूलों में सुरक्षित और जागरूक माहौल बनाना तथा हर बच्चे को गरिमा के साथ जीवन जीने एवं आगे बढ़ने का अधिकार है। शिक्षक मो. इरशाद ने संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि सभी को सम्मान पूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। सभी को रोजगार करने, व्यवसाय चुनने का अधिकार है। बच्चों को हमेशा अपने अधिकारों के साथ साथ कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहना चाहिए।

संस्था की एनिमेटर रेखा देवी ने बताया कि टांगटोना पंचायत में किशोरी समूह एवं युवा महिला समूह के साथ मिलकर काम कर रहे है।जिसमे किशोरियों के जीवन कौशल, नेतृत्व क्षमता को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किशोरिया आज अपने हक अधिकार को लेकर आवाज उठा रही है। समूह के माध्यम से किशोरियों में नेतृत्व क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। विभिन्न प्रकार की हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट किया जा रहा है।

इस अवसर पर टांगटोना स्कूल के प्रधानाध्यापक सदानंद वर्मा ने कहा कि किशोरावस्था में बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक शिक्षा बहुत जरूरी है। बच्चों के विकास के लिए इस तरह की गतिविधियां बहुत ही जरूरी है। कहा कि बाल विवाह होने से बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचता है। बाल विवाह से बच्चे, खासकर लड़कियां गर्भावस्था और प्रसव से जुड़ी जटिलताओं का शिकार हो जाती है।

जो उनके लिए जानलेवा भी हो सकता है। बाल विवाह के कारण विशेषकर लड़कियों को स्कूल छोड़ना पड़ता है, जिससे वे शिक्षा एवं कौशल विकास के अवसरों से वंचित रह जाती है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षक सुबोध, विनोद, अरुण, विजय एक्का, मो. इरशाद अख्तर, राजीव कुमार, विभिन्युदु चैल, ममता कुमारी, बिंदु कुमारी, मनिता कुमारी, कल्पना कुमारी, उर्मिला कुमारी आदि मौजूद रही।

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