क्लस्टर निर्माण कार्य और बाजार उपलब्धता पर कार्य करना जरुरी-उपायुक्त
एस.पी.सक्सेना/देवघर (झारखंड)। जिला उपायुक्त (District Deputy Commissioner) मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में 21 सितंबर को किसान गोष्टि का आयोजन केवीके सुजनी केंद्र सभागार में किया गया।
इस दौरान जेएसएलपीएस की दीदियों के साथ पूर्व से मशरूम की खेती कर रहे किसानों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षणार्थियों ने अपने-अपने विचार और मशरूम की खेती में आ रहे समस्याओं व लाभ से जुड़ी जानकारी साझा की। साथ ही केवीके सुजानि के वैज्ञानिकों द्वारा बटन मशरूम खेती से जुड़ी विस्तृत जानकारी दिया गया।
इस अवसर पर किसान गोष्टि को संबोधित करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अच्छी कमाई करने का बेहतर विकल्प बटन मशरूम हो सकता है। यह मशरूम की ही एक किस्म है, मगर इसमें खनिज पदार्थ और विटामिन खूब होते हैं।
इसकी विशेषता है कि आप इसे झोपड़ी में लाभप्रद खेती कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम से स्वास्थ्य फायदे की वजह से लगातार बाजार में इसकी मांग बढ़ती जा रही है। वहीं कम लागत में बटन मशरुम की मौसमी खेती करने के लिए अक्तूबर से मार्च तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।
सफेद बटन मशरुम की खेती के लिए स्थाई व अस्थाई दोनों ही प्रकार के सेड का प्रयोग किया जा सकता है। जिन किसानों के पास धन की कमी है, वह बांस व धान की पुआल से बने अस्थाई सेड/झोपड़ी का प्रयोग कर सकते हैं।
साथ ही सफेद बटन मशरूम की खेती के लिए हार्वेस्ट एवं कम्पोस्ट, तैयार करने का कार्य भी किया जा सकता हैं। उपायुक्त ने कहा कि मशरूम एक उत्पाद है, जिसे एक कमरे में भी उगाया जा सकता है। इसको उगाकर लोग अपनी आय आसानी से बढ़ा सकते हैं। आवश्यकता है इस खेती को सही दिशा देने की।
ऐसे में केवीके सुजनी, जेएसएलपीएस एवं आरसीटी के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ दीदियों को सीजनल मशरूम की खेती के प्रति प्रोत्साहित, प्रशिक्षित, क्लस्टर निर्माण और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने का उन्हें निर्देश दिया गया, ताकि किसान मित्रों के साथ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मशरूम उत्पादन के कार्य से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में किसानों का रुझान मशरूम की खेती की तरफ तेजी से बढ़ा है। मशरूम की खेती बेहतर आमदनी का जरिया बन सकता है। इसमें कुछ बातों का ध्यान रखना होता है। बाजार में मशरूम का अच्छा दाम मिल जाता है। कम जगह और कम समय के साथ ही इसकी खेती में लागत भी बहुत कम लगती है, जबकि मुनाफा लागत से कई गुना ज्यादा मिल जाता है।
किसान गोष्टि के दौरान उपायुक्त भजंत्री द्वारा जानकारी दी गई कि गेंदा फूल के साथ साथ अन्य फूलों की खेती को भी बढ़ावा देने की दिशा में देवघर जिला के लोग कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा मंदिर एवं अन्य मंदिरों के खुल जाने से देवघर जिले में सालों भर फूलों की खपत होती है।
ऐसे में बेहतर बाजार उपलब्धता के साथ यदि स्थानीय रहिवासियों को प्रोत्साहित और प्रशिक्षित कर फूलों की खेती से जोड़ते हुए इस दिशा में मिलकर कार्य करने की आवश्यकता हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को आत्मनिर्भर बनाते हुए रोजगार से जोड़ा जा सके। उपायुक्त ने परंपरागत और आधुनिक तकनीक पर आधारित ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह सभी से किया।
उपायुक्त ने कहा की खादों का उपयोग छोड़कर जैविक खादों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है। रासायनिक खादों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर होने के साथ-साथ ऐसे उत्पाद मानव स्वास्थ्य पर भी गलत प्रभाव डालता है। जैविक तकनीक से तैयार फसल व सब्जियां ज्यादा पौष्टिक तथा ज्यादा लाभ देने वाली होंगी।
उपायुक्त भजंत्री ने केवीके सुजानी केंद्र में अधिष्ठापित स्वचालित मौसम केन्द्र (Automatic Weather Station) की शुरुआत करते हुए कहा कि मौसम विज्ञानियों के साथ किसान मित्रों को इससे सुविधा मिलेगी। भारत मौसम विभाग की ओर से स्वचालित मौसम स्टेशन लगाया गया है।
इसके जरिए मौसम का अपडेट मिलेगा। बारिश की मात्रा, हवा की गति, दिशा, सूर्य प्रकाश की अवधि, तापमान, जमीन का तापमान और आर्द्रता की जानकारी मिलेगी। यह स्टेशन मौसम विज्ञान केंद्र से जुड़ा हुआ है। इसलिए जो भी पूर्वानुमान प्राप्त होंगे, वे बिल्कुल सटीक होंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी हर सप्ताह मंगलवार व शुक्रवार को मौसम आधारित कृषि सलाह प्रदान करते रहे हैं।
आटोमेटिक स्टेशन शुरू होने से मौसम की पल-पल की जानकारी मिलती रहेगी। इस दौरान मुख्य रूप से कृषि विज्ञान केंद्र सुजानी के वरीय वैज्ञानिक आनंद तिवारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र सुजानी के वैज्ञानिक राजन ओझा, हर्षिता कुमारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, डीसी सेल से विशेष पदाधिकारी अमृता सिंह, किरण छापा, चिन्मय पाटिल एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
260 total views, 1 views today