एस.पी.सक्सेना/बोकारो। भारतीय परंपरा में हस्तशिल्प का प्रमुख स्थान है। इससे निर्मित वस्तुएं वस्तु नहीं बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का भी होता है।
हस्तशिल्प देश की सांस्कृतिक विविधता और जीवन शैली का प्रतिनिधित्व करता है। हर क्षेत्र की अपनी विशिष्टता की झलक में निर्मित उत्पादों से मिलती है। इसी के तहत 10 फरवरी को जिले के हस्तशिल्पियों को उनके बनाए हुए हस्तशिल्प एवं दस्तकारी की उचित कीमत दिलाने एवं उनकी कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हुए देश के विभिन्न हिस्सों के बाजारों में बेचने के लिए रचनात्मक कड़ी बनाने हेतु आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन झारक्राफ्ट बोकारो (Jharcraft bokaro) द्वारा न्यू प्रभात होटल चास में आयोजित किया गया। जो विकास आयुक्त कार्यालय (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है। उक्त कार्यशाला के मुख्य अतिथि एलडीएम दिनेश्वर राणा ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
महिलाओं को संबोधित करते हुए एलडीएम राणा (ALDM Rana) ने कहा कि प्रतियोगिता के इस दौर में सभी हस्तशिल्प कामगारों को उनके बनाए गए वस्तुओं की गुणवत्ता एवं बड़ी सज्जन को संभाल के रखना पड़ेगा। तभी हम बाजार में लंबे समय तक टिके रह सकेंगे। उन्होंने झारक्राफ्ट को इस कार्यशाला का आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वह हस्तशिल्प कामगारों की ट्रेनिंग एवं उनके द्वारा बनाए गए हस्तशिल्पों को राष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए एक प्लेटफार्म दे रहा है। जिसका लाभ निश्चित तौर पर बोकारो के कामगारों को मिलेगा।
क्लस्टर मैनेजर झारक्राफ्ट अजय कुमार ने बताया कि मार्केट में प्रोडक्ट की बिक्री कैसे हो सके। मार्केट वही होता है जहां क्रेता और विक्रेता मिलता है। हमें अपने प्रोडक्ट को अलग-अलग वेरिएंट (डिजायन) में बनाना होगा तभी जाकर हमारा प्रोडक्ट मार्केट में दिखेगा। प्रोडक्ट को मार्केट के हिसाब से रेट तय करना होगा ताकि कस्टमर प्रोडक्ट खरीद सके। प्रोडक्ट का रेट ज्यादा कम नहीं रखना होगा जिससे विक्रेता को हानि हो और नहीं ज्यादा रखना होगा की प्रोडक्ट को कस्टमर ऑफ कर सके। प्रोडक्ट को कस्टमर के हिसाब से ही प्राइस रखना होगा। उन्होंने कहा कि सभी हस्तशिल्प कामगारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक पदाधिकारी अनीता किरकेट्टा ने उपस्थित सभी दीदियों को सखी मंडलों से जुड़कर कार्य करने के बारे बताया। साथ ही सभी ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित महिला मंडलों के बारे में भी बताया।
डिजाइनर शैली ने बताया कि झारक्राफ्ट नये-नये डिजाइनओं के बारे में अपने प्रोडक्ट को कैसे तैयार किया जाता है के बारे में विस्तार से बताया गया। मौके पर विपणन के बारे में सभी को जानकारी दी गयी। वहीं प्रोजेक्ट मैनेजर जिला उद्योग केंद्र नागेंद्र सिंह ने सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दिया। कार्यशाला के दौरान कुंदन कुमार उपाध्याय, मनोज कुमार मिश्रा, अरत कुमार, इंद्र नारायण, शेखर बाबू, अश्विनी कुमार, आशुतोष कुमार, गौरव कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।
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