जेम पोर्टल पर पंजीकृत सरकारी अधिप्राप्ति का हिस्सा बनना चाहिए-सांसद
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय, एमएसएमई-विकास कार्यालय कोकर राँची द्वारा आकांक्षी जिला बोकारो में खरीद एवं विपणन सहायता योजना के तहत दो दिवसीय निर्यात संवर्द्धन एवं जेम (GeM) पर राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी का आयोजन 15 एवं 16 फरवरी को किया गया। संगोष्ठी का आयोजन मेन ऑडिटोरियम एचआरडी बिल्डिंग बीएसएल बोकारो में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा एमएसएमई इकाईयों को निर्यात संवर्द्धन, जेम (GeM), नए बाजार सृजन, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में नवीनतम चलन, निर्यात की प्रक्रिया, निर्यात संबंधित दस्तावेजीकरण इत्यादि के बारे में वृहद रुप से जानकारी देना एवं जागरुक करना है।

इस अवसर पर कार्यक्रम का उद्घाटन 15 फरवरी को बोकारो के एचआरडी बिल्डिंग बीएसएल के मेन ऑडिटोरियम में मुख्य अतिथि धनबाद सांसद पी एन सिंह एवं विशिष्ट अतिथि बोकारो विधायक बिरंची नारायण द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घघाटन सत्र में मुख्य अतिथि एवं सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम के संयोजक सहायक निदेशक गौरव द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद पी एन सिंह ने कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कहा कि इस तरह के कार्यक्रम धनबाद एवं बोकारो जिले के उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए समय की मांग है।
इससे इस क्षेत्र के एमएसएमई उद्यमियों को व्यापार जगत में आ रहे बदलाव की अद्यतन जानकारी प्राप्त हो सकेगी तथा वे अपने उत्पादों को निर्यात के माध्यम से नए विदेशी बाजारों तक पहुंचा कर अपने उद्यमों का बेहतर विकास कर सकेंगे।
उन्हें ज्यादा से ज्यादा जेम पोर्टल पर पंजीकृत होकर सरकारी अधिप्राप्ति का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संगोष्ठी के आयोजन के लिए भारत सरकार एमएसएमई मंत्रालय, एमएसएमई-विकास कार्यालय बधाई के पात्र है।
विशिष्ट अतिथि विधायक बिरंची नारायण ने अपने द्वारा लगाए गए उद्यम का उदाहरण देते हुए सभी एमएसएमई उद्यमियों को प्रोत्साहित किया एवं उन्हें जेम पोर्टल पर पंजीकरण के माध्यम से आगे बढ़ने एवं अपने उद्यम का विकास करने हेतु प्रेरित किया।
उप विकास आयुक्त कीर्तीश्री ने एमएसएमई उद्यमियों के लिए उपलब्ध झारखंड सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड में प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। अतः निर्यात संबंधी संभावनाएं बहुत ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि उद्यमी इस कार्यक्रम से लाभ उठायें एवं तकनीकी जानकारी प्राप्त कर अपने आप को निर्यात हेतु तैयार करें। इसके लिए उन्होंने एमएसएमई उद्यमियों को अपने कार्यालय की ओर से उपलब्ध हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बीएसएल बोकारो का झारखंड के औद्योगिक विकास में बहुत बड़ा योगदान है। इसके लिए उन्होंने उपक्रम को साधुवाद दिया।
आईईडीएस के संयुक्त निदेशक एवं कार्यालय प्रमुख रांची के इंद्रजीत यादव ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रूपरेखा से अवगत कराया तथा सभी प्रतिभागी उद्यमियों से इस संगोष्ठी में शामिल हो रहे निर्यात संवर्धन के विविध विशेषज्ञों के निर्यात की प्रक्रिया एवं दस्तावेजीकरण संबंधित अनुभव का लाभ लेने की अपील की।
जिससे वे अपने उत्पादों का निर्यात विदेशों में कर सकें एवं अपने उद्यमों का विकास सुनिश्चित कर सकें। साथ ही उन्होंने विशेषकर जेम के विशेषज्ञों को ज्यादा ध्यान देकर सुनने एवं सीखने की बात कही। जिससे उनके सभी शंकाओं का समाधान हो सके एवं वे सरकारी खरीद के ज्यादा से ज्यादा हिस्से के आपूर्तिकर्ता बन सके।
ईडी (वर्क्स) बीएसएल बोकारो बी के तिवारी ने कहा कि बीएसएल द्वारा जेम के माध्यम से खरीद सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रोडक्ट एवं मटीरियल की खरीद जेम द्वारा की जा रही है। जेम पोर्टल पर पंजीकृत एमएसएमई उद्यमों की सेवाओं का लाभ लेने के लिए उन्होंने अपने अधिकारियों की जेम से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया है।
उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम से उद्यमियों को फायदा होगा। उन्होंने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को बीएसएल की तरफ से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा कार्यक्रम की सफलता की कामना की। सहायक निदेशक एमएसएमई-विकास कार्यालय रांची सुरेन्द्र शर्मा ने कार्यक्रम के उद्घघाटन सत्र की समाप्ति पर सभा में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

तत्पश्चात तकनीकी सत्र में FIEO कोलकाता, DGFT कोलकाता एवं जेम (GeM) रांची के वरीय अधिकारियों ने अपना अनुभव एवं कौशल सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमियों के साथ साझा किया।
संगोष्ठी में झारखंड राज्य के उद्योग संघों, चैम्बर्स, बोकारो जिले एवं आसपास के जिलों के लगभग 150 से ज्यादा प्रतिभागी उद्यमियों ने उन विशेषज्ञ अधिकारियों से सीधे वार्तालाप कर अपनी शंकाओं का समाधान किया तथा निर्यात संवर्द्धन एवं जेम से संबंधित जानकारी प्राप्त किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन सहायक निदेशक एमएसएमई-विकास कार्यालय रांची ज्योत्सना गुड़िया द्वारा किया गया। सहायक निदेशक शाखा एमएसएमई-विकास कार्यालय धनबाद दीपक कुमार ने कार्यक्रम के प्रथम दिवस के तकनीकी सत्र की समाप्ति पर सभा में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को साधुवाद दिया।
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