कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों का शामिल न होना बना चर्चा का विषय
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। ज्येष्ठ माह पूर्णिमा के अवसर पर 23 जून की संध्या बोकारो जिला के हद में जारंगडीह स्थित दामोदर नदी तट पर नदी शुद्धिकरण तथा संध्या आरती का आयोजन किया गया। संध्या आरती तथा शुद्धिकरण कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों गणमान्य सहित सैकड़ो की संख्या में महिला-पुरुष व् बच्चे श्रद्धालूगण शामिल हुए।
जानकारी के अनुसार बेरमो प्रखंड के जारंगडीह बाबू क्वाटर के समीप शिव मंदिर में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देर रात्रि तक चले संध्या आरती से पूर्व गोमियां प्रखंड के साड़म से आये पुरोहित दिलीप तिवारी, अमित पांडेय, सुमित पांडेय, विक्रम तिवारी तथा सुजीत पांडेय द्वारा सर्वप्रथम दामोदर नदी जल को वैदिक मन्त्रोंच्चारण के साथ शुद्धिकरण किया गया।
इसके पश्चात यजमान रवि कुमार तथा बरुण कुमार के सहयोग से श्रद्धालुओं को देव कथा का श्रवण कराया गया। इसके बाद संध्या आरती का आयोजन किया गया। संध्या आरती में श्रद्धालुओं द्वारा दामोदर नदी तट पर 501 दीया जलाकर आरती वंदन किया गया।

बताया जाता है कि संध्या आरती के अवसर पर नदी जल से सटे जलते दीपक की लौ ने दामोदर नदी में मनोहरी दृश्य बना दिया था, जिसे उपस्थित तमाम श्रद्धालू अपने-अपने मोबाइल कैमरो में कैद करने को आतुर दिखे। इस अवसर पर शिव मंदिर कमिटी द्वारा मंदिर परिसर में खीर भोग का वितरण किया गया।
साथ हीं मंदिर प्रांगण में रात्रि में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। भजन कीर्तन स्थानीय रहिवासी लखन चौहान की टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया। कीर्तन मंडली में लखन चौहान, रामवती राम, मदनलाल श्रीवास्तव, बच्चन, गुड्डू, अनिल, प्रकाश आदि शामिल थे।
दामोदर नदी शुद्धिकरण तथा संध्या आरती कार्यक्रम में उपरोक्त के अलावा बोकारो थर्मल थाना प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर शैलेन्द्र कुमार सिंह, भाजपा नेता विनय कुमार सिंह, मनोज तिवारी, कांग्रेसी नेता अशोक ओझा, आजसू नेता मुकेश सिंह सहित किशुन राम, बीरेंद्र चौहान, अशोक मंडल, धीरज बरनवाल, रोशन कुमार, सीमा कुमारी, अंशी कुमारी, रामजी कुमार, रिंटू सिंह, योगेंद्र प्रसाद, किशुन राम महतो, संजय कुमार प्रसाद, विकास कुमार, रवि चौहान, शंभू चौहान, तरुण सिंह, शंभू, सी. पी. दुबे, नितिन कुमार आदि सैकड़ो श्रद्धालूगण उपस्थित थे।
संपूर्ण कार्यक्रम के अवसर पर जारंगडीह उत्तरी तथा दक्षिणी पंचायत का कोई भी जनप्रतिनिधि यथा मुखिया, पंसस अथवा वार्ड सदस्यों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बना रहा। रहिवासियों का यह भी कहना था कि इन्ही जनसमुदाय के समर्थन से यहां के मुखिया, पंसस अथवा वार्ड सदस्य बने है, जबकि इतनी बड़ी कार्यक्रम में उनका न होना उनमे अभिमान को दर्शाता है, इसलिए अगले चुनाव में यहां की जनता वैसे जनप्रतिनिधियों को सबक सिखाने का काम करेगी।
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