एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। कहानिका हिंदी पत्रिका के बिहार अध्याय द्वारा सावन कजरी पर बीते 28 जुलाई की संध्या एक ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। उक्त जानकारी 29 जुलाई को कहानिका के केंद्रीय सूचना प्रभारी शिखा गोस्वामी निहारिका ने दी।
उन्होंने बताया कि उक्त आयोजन संध्या 6 बजे से गूगल मीट पर किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि जय कृष्ण मिश्र (दुबई), विशिष्ट अतिथि सत्येंद्र नाथ गुप्ता (दुबई), सुधीर श्रीवास्तव (बस्ती, यूपी), सभाध्यक्ष नंद कुमार मिश्रा (टोरंटो, कनाडा), संयोजक श्याम कुंवर भारती प्रधान संपादक (बोकारो, झारखंड) ने भाग लिया। बताया कि मंच का संचालन डॉ विभा तिवारी सह संपादक ने किया।
इस अवसर पर सरस्वती वंदना पूनम यादव (महुआ), देवी गीत डॉ श्याम कुंवर भारती (बोकारो) और स्वागत गीत बबीता कुमारी ठाकुर (बेगूसराय), गणेश वंदना रजनी कटारे हेम (जबलपुर) ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जय कृष्ण ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से भारतीय संस्कृति और लोक परम्परा का संरक्षण होता है। संयोजक श्याम कुंवर भारती ने कहा कि संस्था का अगला ऑफलाइन अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन नेपाल के काठमांडू में आगामी 11 अगस्त को होने जा रहा है।

सभाध्यक्ष नन्द कुमार ने कहा कि हिंदी और भोजपुरी दोनों सरस और लोकप्रिय भाषा है। कवियों को राष्ट्र और
समाज हित में सृजन करना चाहिए।सावन में कजरी कवि सम्मेलन बेहद ही सराहनीय कार्य है। आभाषी कवि सम्मेलन में कविता राय ‘कृति’ जबलपुर, रेखा नेमा सिवनी मध्यप्रदेश, रश्मि पांडेय शुभि जबलपुर मध्यप्रदेश, रजनी कटारे ‘हेम’ जबलपुर, पं. जुगल किशोर त्रिपाठी झांसी, विजेंद्र कुमार तिवारी, डॉ सुमन मेहरोत्रा (मुजफ्फरपुर), डॉ प्रतिभा प्रकाश पंजाब, एड. सुनील श्रीवास्तव बेचारा, दादरा अमेठी, शीला तिवारी, बोकारो, कल्पना झा, बेरमो बोकारो, दिवाकर पाठक, हजारीबाग, रुद्र नारायण पांडेय, गोमिया, बोकारो, जय कृष्ण मिश्रा, दुबई, सत्येंद्र नाथ गुप्ता, दुबई, डॉ श्याम कुंवर भारती, बोकारो आदि कवियों ने अपनी सुंदर और मधुर काव्य पाठ से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात्रि अंत में अतिथियों और कवियों का धन्यवाद ज्ञापन प्रीतम कुमार झा राज्य प्रभारी बिहार अध्याय ने किया।
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