एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। सीसीएल मुख्यालय रांची में 29 अगस्त को कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी स्लरी क्लिनिंग आवार्डी मजदूरों को नियोजन देने की मांग को लेकर वार्ता की गयी। वार्ता में कानूनी पेंच का हवाला देते हुए एकबार फिर बिना किसी ठोस नतीजा के वार्ता अगली वार्ता तक के लिए स्थगित कर दिया गया। जिससे आवार्डी मजदूरों में सीसीएल प्रबंधन के प्रति रोष व्याप्त है।
इस संबंध में सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस परिसर में 29 अगस्त की संध्या आवार्डी मजदूरों का प्रतिनिधित्व कर रहे झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा बोकारो जिला उपाध्यक्ष मुमताज आलम ने बताया कि संपन्न वार्ता में सीसीएल मुख्यालय रांची के महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं औद्योगिक संबंध नवनीत कुमार ने कहा है कि पुर्व में दिए गये नियोजन को लेकर उपजे विवाद के कारण प्रबंधन अब उस प्रकार की गलती को दुहराना नहीं चाहती है।
ऐसे में बिना उचित मंच के सत्यापन के आवार्डी मजदूरों के दावे को मानना प्रबंधन के लिए संभव नहीं है, इसलिए इस मामले में बिना कानूनी सलाह के नियोजन देना प्रबंधन के लिए संभव नहीं है। मुमताज ने बताया कि सीसीएल प्रबंधन की तालमटोल की नीति और तारीख पर तारीख दिए जाने से अपने हक की मांग कर रहे आवार्डी मजदूरों तथा उनके आश्रितों में प्रबंधन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है, ऐसे में मजदूर बेलगाम होकर किसी प्रकार की हानि स्वयं तथा कंपनी को पहुंचाते है तो इसकी जिम्मेवारी प्रबंधन की होगी। उन्होंने कहा कि उक्त वार्ता में मुख्यालय प्रबंधन द्वारा कानूनी सलाह के बाद अगली वार्ता के लिए समय माँगा गया है।

वे इसकी सूचना राज्य के मंत्री योगेंद्र प्रसाद तथा बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा को देंगे। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा प्रबंधन को वार्ता के लिए दस दिन का समय दिया जायेगा। उसके बाद यदि प्रबंधन वार्ता कर आवार्डी मजदूरों को नियोजन देने में आनाकानी करती है तो वे एकबार फिर कथारा महाप्रबंधक कार्यालय पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सीसीएल प्रबंधन की होगी।
आवार्डी मजदूर डिवीजन सिंह ने कहा कि सीसीएल प्रबंधन फर्जी तरीके से यूनियन नेता सुरेश शर्मा द्वारा किए गये फर्जी मजदूरों की बहाली के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर वास्तविक मजदूरों के नियोजन मामले को लटकाये हुए है। कहा कि प्रबंधन असली मजदूरों तथा उसके आश्रितो की पहचान कर नियोजन नहीं देती है तो तमाम आवार्डी मजदूर तथा उसके आश्रित पहले से ज्यादा तीखा आंदोलन करेंगे। कहा कि बिना नियोजन वे सभी भूखो मरने को मजबूर है। जिससे उनमें प्रबंधन के प्रति गुस्सा है। उन्होंने उनकी लड़ाई लड़ रहे मुमताज आलम के प्रति पूर्ण आस्था व्यक्त की है।
दूसरी ओर मुख्यालय महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं औद्योगिक संबंध नवनीत कुमार ने वार्ता की विस्तृत जानकारी देने से इंकार करते हुए कहा कि मामले में कानूनी सलाह ली जा रही है। जो भी विधि सम्मत हो वह किया जायेगा। वहीं वार्ता में शामिल सीसीएल कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार ने कहा कि पुर्व में हुई गलतियों को प्रबंधन दुहराना नहीं चाह रही है, इसलिए बिना कानूनी सलाह के किसी प्रकार का निर्णय लेना अथवा कहना संभव नहीं होगा।
वार्ता में प्रबंधन की ओर से मुख्यालय महाप्रबंधक नवनीत कुमार, कथारा महाप्रबंधक संजय कुमार, कथारा क्षेत्र के प्रबंधक कार्मिक एवं मानव संसाधन रामानुज प्रसाद, सहायक प्रबंधक एचआर सूर्य प्रताप सिंह, आवार्डी मजदूरों की ओर से झामुमो नेता मुमताज आलम, मजदूर डिवीजन सिंह, कुलेश्वर प्रजापति, नन्हे रजक, दुर्योधन धोबी, परशुराम महतो अमित कुमार, कुंदन भुईयां, बुटकी बाई, ननकु मुंडा, प्रदीप मुंडा, राजेंद्र मुंडा, भरत लाल, संजय भुईयां, कार्तिक भुईयां आदि शामिल थे।
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