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वैशाली महोत्सव के तीसरे दिन झूमर एवं सोहर का रहा जलवा

प्रहरी संवाददाता/सोनपुर (सारण)। वैशाली महोत्सव के तीसरे दिन 6 अप्रैल को कलाकारों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। नालंदा संगीत संस्थान के कलाकारों की लोक नृत्य की प्रस्तुति को दर्शकों ने जी भर कर सराहा।

कवियों ने भी महोत्सव में चार चाँद लगा दी। झूमर एवं सोहर की प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। समूह नृत्य में समृद्ध व गौरवशाली लोक संस्कृति परंपरा की झलक के साथ आस्था का अद्भूत संगम देखने को मिला।

जानकारी के अनुसार वैशाली महोत्सव के तीसरे दिन निजी विद्यालयों के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा फिल्मी रिकॉड गानों पर नृत्य की अलग-अलग भाव-भंगिमाओं में प्रस्तुति की गयी। जिसमें पंडाल में बैठे श्रोतागण भी झूम उठे। ताल फिल्म के ताल से ताल मिला … जैसे सुपर हिट गानों की भी प्रस्तुति दमदार रही।

बिहार के समस्तीपुर के वायरल बॉलीवुड सिंगर अमरदीप जोत ने नीले नीले अंबर पर चांद जब आये, प्यार बरसाये…. और दिल में हो तुम आखों मे तुम, तेरी तो मुझको बता दे, कोई मिल गया, कोई मिल गया, मुझको क्या हुआ है…गानों ने महोत्सव में जमकर धमाल मचाया।

इससे पूर्व के. के कृष्णा के नेतृत्व में बाल कलाकारों के भाव नृत्य से कार्यक्रम आरंभ किया गया। इनके द्वारा गाए गये छठ गीत काँच के बांस के वहंगिया लचकत जाय से भक्ति मय वातावरण हो गया।

बच्चों के क्विज प्रतियोगिता में ओड़ियन्स से सही उत्तर देने पर डीपीओ राजन गिरी को पुरस्कार प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा दिया गया। इस अवसर पर मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, राजगीर, नालंदा आदि से आये कवियों ने भी एक से बढ़कर एक रसभरी कविता प्रस्तुत किये।

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